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20 हजार गड्ढे खोदे पर नहीं मिला पैसा, बूंदी में वन विभाग के बाहर एमपी के मजदूरों का प्रदर्शन

बूंदी में मध्य प्रदेश के मजदूरों ने बकाया भुगतान न मिलने पर वन विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया.

मजदूरों का हंगामा
मजदूरों का हंगामा (फोटो ईटीवी भारत बूंदी)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 21, 2026 at 7:23 AM IST

3 Min Read
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बूंदी : जिले में शुक्रवार की रात उस समय अफरा-तफरी का माहौल हो गया, जब वन विभाग के डीएफओ (DFO) कार्यालय के बाहर दर्जनों मजदूरों ने डेरा डाल दिया. मध्य प्रदेश से आए ये मजदूर अपने पसीने की कमाई मांगने के लिए दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. मजदूरों का आरोप है कि प्लांटेशन के काम में उनसे जी-तोड़ मेहनत कराई गई, लेकिन जब पैसे देने की बारी आई, तो ठेकेदार और विभाग ने हाथ खड़े कर लिए. मजदूरों का आरोप है कि प्लांटेशन कार्य के तहत गड्ढे खोदने का काम पूरा करने के बावजूद उन्हें अब तक पूरा भुगतान नहीं किया गया है.

मामले में कोतवाली थाना प्रभारी रमेश आर्य ने बताया कि डीएफओ कार्यालय पर हंगामे की सूचना पर पहुंचे थे. मजदूर भुगतान की मांग कर रहे थे. सभी को समझा दिया है. अगर मजदूरों से हमें लिखित शिकायत मिलती है तो कार्यवाही की जाएगी. स्थिति बिगड़ती देख मौके पर कोतवाली पुलिस पहुंची और अधिकारियों ने मजदूरों से वार्ता का प्रयास शुरू किया. हालांकि मजदूर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और स्पष्ट कर दिया है कि पूरा भुगतान मिलने तक धरना जारी रहेगा. मौके पर मौजूद एसीएफ सुनील धाभाई ने मजदूरों को समझाने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी ठेकेदार से भुगतान करवाने की मांग पर अड़े रहे.

एमपी के मजदूरों का प्रदर्शन
एमपी के मजदूरों का प्रदर्शन (फोटो ईटीवी भारत बूंदी)

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‎20 हजार गड्ढों का काम करवाया, भुगतान नहीं किया : ‎धरने पर बैठे मजदूरों ने बताया कि उन्होंने जिले में प्लांटेशन के लिए करीब 20 हजार गड्ढे खोदे थे. इस कार्य के लिए ठेकेदार से लगभग 6 लाख रुपये तय हुए थे. आरोप है कि ठेकेदार की ओर से केवल 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए, जबकि करीब 5 लाख 50 हजार रुपये अब भी बकाया हैं. मजदूरों का कहना है कि पिछले डेढ़ महीने से वे भुगतान के लिए लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है.

1 लाख लो, बाकी छोड़ो का आरोप : ‎प्रदर्शन करने वाले मजदूरों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे डीएफओ कार्यालय में भुगतान की मांग लेकर पहुंचे तो उन्हें सिर्फ 1 लाख रुपये लेकर शेष राशि छोड़ने का दबाव बनाया गया. मजदूरों ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया और साफ कहा कि वे पूरा भुगतान लेकर ही लौटेंगे. ‎करीब 30 महिला, पुरुष और बच्चे डीएफओ कार्यालय के बाहर रात के समय धरने पर बैठे हैं. मजदूरों का कहना है कि भुगतान नहीं मिलने से उनके सामने रोजमर्रा के खर्च और खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है. कई मजदूरों ने बताया कि वे उधार लेकर परिवार का गुजारा कर रहे हैं.

‎डीएफओ दफ्तर परिसर में प्रदर्शन
‎डीएफओ दफ्तर परिसर में प्रदर्शन (फोटो ईटीवी भारत बूंदी)

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‎मजदूरों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द बकाया राशि दिलाने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे. उधर एसीएफ सुनील धाभाई का कहना है कि मामला मजदूर और ठेकेदार के बीच का है. अगर ठेकेदार ने बकाया भुगतान नहीं किया है तो गलत है. ठेकेदार को नोटिस देकर मजदूरों का भुगतान देने के लिए पाबंद किया जाएगा.