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करनाल पहुंची सांसद कुमारी सैलजा, बोलीं- 'जनता की सुनने के बजाय मुकदमे दर्ज कर रही सरकार, पुलिस-प्रशासन में तालमेल नहीं'

करनाल पहुंची सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है.

MP Kumari Selja Karnal Visit
करनाल पहुंची सांसद कुमारी सैलजा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : August 16, 2026 at 8:20 PM IST

6 Min Read
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करनाल: सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा रविवार को करनाल के घरौंडा पहुंचीं. यहां उन्होंने रोमिल संधू को पार्टी में पद मिलने पर बधाई दी. इसके बाद मीडिया से बातचीत में सैलजा ने हरियाणा की कानून व्यवस्था से लेकर हांसी और अंबाला के घटनाक्रम, करनाल एनकाउंटर, जेन-जी के विरोध प्रदर्शनों और भाजपा-आरएसएस की विचारधारा को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा. सैलजा ने आरोप लगाया कि "प्रदेश में अपराध बढ़ रहा है और जनता की आवाज सुनने के बजाय शिकायत करने वालों पर ही मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं."

हांसी की घटना पर सरकार को घेरा: कुमारी सैलजा ने हांसी में बने हालात को प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल बताया. उन्होंने कहा कि "जब किसी गरीब परिवार का सदस्य अपराध का शिकार होता है और परिवार न्याय की मांग करता है, तो सरकार की जिम्मेदारी अपराधियों को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की है." उन्होंने मुख्यमंत्री के हांसी दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि "मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो जानी चाहिए थी."

सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया (ETV Bharat)
'पुलिस की ओर से भी पत्थरबाजी की गई': सैलजा ने कहा कि "न्याय की मांग को लेकर जब लोग धरने पर पहुंचे तो स्थिति पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव तक पहुंच गई." उन्होंने आरोप लगाया कि "पुलिस की ओर से भी पत्थरबाजी और प्रदर्शनकारियों पर हथियार तानने जैसी स्थिति सामने आई." सैलजा ने सवाल किया कि "सरकार वास्तव में शांति चाहती है या फिर कार्रवाई के जरिए हालात को और तनावपूर्ण बनाया जा रहा है."

अंबाला में कार्रवाई पर उठाए सवाल: अंबाला के घटनाक्रम को लेकर भी सैलजा ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि "एक तरफ सरकार बातचीत के जरिए समाधान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज किया जाता है. उन्होंने "आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में गरीब परिवारों से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया और सैकड़ों लोगों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं."

आंसू गैस के इस्तेमाल पर सरकार से मांगा जवाबः सैलजा ने सवाल किया कि अगर सरकार बातचीत से समस्या का समाधान चाहती है तो फिर ऐसी कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी. स्कूल और गुरुद्वारा परिसर में आंसू गैस के इस्तेमाल के आरोपों को लेकर भी उन्होंने सरकार से जवाब मांगा.

पुलिस-प्रशासन के तालमेल पर भी सवालः कुमारी सैलजा ने पुलिस और प्रशासन के बीच कथित खींचतान का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि "जिस तरह की परिस्थितियां सामने आ रही हैं, उससे ऐसा लगता है कि पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि यदि पुलिस अधिकारियों के बीच ही हथियारों को लेकर खींचतान जैसी स्थिति पैदा हो जाए तो आम आदमी प्रदेश की कानून व्यवस्था पर कैसे भरोसा करेगा.

करनाल एनकाउंटर पर बोलीं-सवाल उठना स्वाभाविक: करनाल में वाल्मीकि समाज के युवक बीरू की हत्या और उसके बाद हुए दो एनकाउंटर का जिक्र करते हुए सैलजा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि "जब सत्ता पक्ष के विधायक भी एनकाउंटर को लेकर सवाल उठा रहे हों, तो आम जनता के मन में पुलिस की कार्रवाई और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है." उन्होंने कहा कि "कानून व्यवस्था में जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है और किसी भी कार्रवाई पर सवाल उठें तो सरकार को पारदर्शिता के साथ जवाब देना चाहिए.

जेन-जी से सरकार को डरने की जरूरत नहीं: दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद राजनीतिक दलों द्वारा जेन-जी पर फोकस किए जाने के सवाल पर सैलजा ने कहा कि "युवाओं से डरने की जरूरत नहीं है. आज का युवा सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक है और वह सवाल पूछता है. जब युवा सवाल करेगा तो सरकार को जवाब देना ही पड़ेगा."

सैलजा ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया, विपक्ष और सरकार:सभी की अपनी-अपनी जिम्मेदारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि "विपक्षी नेताओं को संसद में अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जाता और कई बार नेताओं के माइक बंद कर दिए जाते हैं." उन्होंने कहा कि "अगर सदन में आवाज नहीं उठाने दी जाएगी तो कांग्रेस जनता के बीच जाकर उसकी आवाज उठाएगी."

रोजगार और पेपर लीक पर सरकार से जवाब मांगा: कुमारी सैलजा ने युवाओं के सामने रोजगार और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि "यदि सरकार किसी वर्ग या प्रदेश के युवाओं का विश्वास खो देती है तो सरकार से सवाल होना स्वाभाविक है. सरकार को केवल अपनी उपलब्धियां गिनाने के बजाय जनता की समस्याओं और शिकायतों को भी सुनना चाहिए."

भाजपा-आरएसएस की विचारधारा पर भी हमला: भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर निशाना साधते हुए सैलजा ने आरोप लगाया कि "चुनाव के समय धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति की जाती है. अब भाजपा के भीतर से भी सवाल उठने लगे हैं."
'भाजपा के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा': राव इंद्रजीत सिंह द्वारा सार्वजनिक मंच से भाजपा की जातीय राजनीति पर सवाल उठाए जाने के संदर्भ में सैलजा ने कहा कि "जब पार्टी का कोई वरिष्ठ नेता सार्वजनिक रूप से ऐसी बात उठाता है तो उसे गंभीरता से देखा जाना चाहिए." उन्होंने दावा किया कि "इससे संकेत मिलता है कि भाजपा के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा."

प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी पर भी उठाया सवाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘लार्जर दैन लाइफ’ छवि का जिक्र करते हुए सैलजा ने कहा कि "जब प्रधानमंत्री सरकार और पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा हैं, तो देश और प्रदेश में पैदा होने वाली परिस्थितियों को लेकर उनकी जिम्मेदारी भी बनती है. सैलजा ने कहा कि "भाजपा को अब आत्ममंथन करने और जनता के विश्वास को लेकर गंभीरता से सोचने की जरूरत है." उन्होंने आरोप लगाया कि "सरकार को जनता की आवाज सुननी होगी, क्योंकि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का ही होता है."

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