मोहन यादव सरकार ने बनाई टैक्स से कोसो दूरी, 4 लाख 38 हजार करोड़ का बजट पेश
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को पेश किया बजट, 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ का बजट, नहीं लगेगा नया टैक्स.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 18, 2026 at 2:22 PM IST
|Updated : February 18, 2026 at 2:56 PM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को डिप्टी सीएम व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2026-27 का 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट पेश किया. सरकार ने साफ किया कि विकास की गति तेज करने के साथ जनता पर कर यानि टैक्स का कोई नया बोझ नहीं डाला जाएगा. डॉ. मोहन यादव सरकार के इस तीसरे बजट को आकार और प्रावधानों के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है.
अर्थव्यवस्था मजबूत, घाटा भी नियंत्रण में
सरकार ने दावा किया कि वर्ष 2011-12 से 2025-26 तक प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में औसतन 12.73 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई है. वर्ष 2025-26 के लिए जीएसडीपी का पुनरीक्षित अनुमान 16 लाख 69 हजार 750 करोड़ रुपए है. वहीं राजकोषीय घाटा 74 हजार 323 करोड़ रुपए यानी जीएसडीपी का 4.45 प्रतिशत अनुमानित है. हालांकि केंद्र से मिलने वाली विशेष सहायता राशि को अलग रखने पर यह 3 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के अनुरूप बताया गया है. इसे वित्तीय अनुशासन का संकेत माना जा रहा है.

पिछले साल की तुलना में 11 प्रतिशत बढ़ा बजट
वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में बजट का आकार 11 प्रतिशत बढ़ा है. राजस्व व्यय 3 लाख 8 हजार 659 करोड़ रुपए और पूंजीगत व्यय 80 हजार 266 करोड़ रुपए प्रस्तावित है. सामाजिक और आर्थिक उत्थान की योजनाओं के लिए 1 लाख 83 हजार 708 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है. अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 26 प्रतिशत और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 17 प्रतिशत राशि सुरक्षित की गई है.
महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
आगामी बजट में महिला सशक्तिकरण की प्रमुख योजना लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. प्रदेश की करीब 1 करोड़ 25 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़ी हैं. उन्हें हर महीने 1500 रुपए मिलते रहेंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि हर नारी को न्याय देना सरकार का मूल उद्देश्य है और यह बजट महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम है.

गांव, किसान और युवा के बाद ज्ञानी पर फोकस
देवड़ा ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40 हजार 62 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. सड़कों की मरम्मत के लिए 12 हजार 690 करोड़ रुपए और जल जीवन मिशन के लिए 4 हजार 454 करोड़ रुपए रखे गए हैं. सरकार ने 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने और 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया है. आठवीं तक के बच्चों को मुफ्त टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा भी की गई है.
वहीं देवड़ा ने कहा कि इससे पहले सरकार गरीब, युवा, किसान महिला और (ज्ञान) के बाद सरकार अब आई यानि इंडस्ट्री और इंफ्रास्टक्चर को भी शामिल किया गया है. जिसे ज्ञान के बाद ज्ञानी के रुप में जाना जाएगा.
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कोई नया टैक्स नहीं, 2 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
लगातार दूसरे वर्ष सरकार ने किसी नए कर या कर दर में वृद्धि का प्रस्ताव नहीं रखा है. वर्ष 2026-27 में कुल राजस्व प्राप्तियां 3 लाख 8 हजार 703 करोड़ रुपए अनुमानित है. राज्य करों से 1 लाख 17 हजार 667 करोड़ और केंद्रीय करों में हिस्सेदारी से 1 लाख 12 हजार 137 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है. सरकार ने स्वयं के कर राजस्व में 17.64 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया है.

वहीं मोहन सरकार ने विकसित एमपी 2047 के विजन के तहत प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 2 ट्रिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य दोहराया है. सरकार का दावा है कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और समावेशी मध्य प्रदेश की दिशा में ठोस कदम है.

