जम्मू कश्मीर के बाद मध्य प्रदेश में इंटर्न डॉक्टर्स को सबसे कम पैसा, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आज OPD में काम बंद
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर की ओपीडी में काम बंद रखेंगे इंटर्न डॉक्टर्स, सोमवार को सीएम हाउस के पास दिया धरना, देर रात तक जारी रहा आंदोलन, बृजेंद्र पटैरिया की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : September 8, 2026 at 7:02 AM IST
|Updated : September 8, 2026 at 7:08 AM IST
भोपाल : राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज से संबंधित हमीदिया हॉस्पिटल के इंटर्न डॉक्टर्स ने स्टाइपेंड की मांग को लेकर मंगलवार को ओपीडी बंद रखने का ऐलान किया है. इंटर्न डॉक्टर्स के मुताबिक उनके इस आंदोलन का असर प्रदेश के बाकी सरकारी मेडिकल कॉलेज से जुड़ें अस्पतालों में भी दिखाई देगा. स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर्स ने हमीदिया हॉस्पिटल में प्रदर्शन किया और इसके बाद वे मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने सीएम हाउस की ओर बढ़े. स्टूडेंट्स को रोकने पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा.

इंटर्न डॉक्टर्स ने किया चक्काजाम
उधर इंटर्न डॉक्टर्स ने आरोप लगाया कि पुलिस ने डॉक्टर्स के साथ मारपीट की. इसमें कई इंटर्न डॉक्टर्स को चोटें आई हैं. पुलिस कार्रवाई के बाद डॉक्टर्स हमीदिया से निकलकर कमला पार्क तक पहुंचे. पुलिस द्वारा जब बैरिकेडिंग कर इन्हें रोक लिया तो डॉक्टर्स सड़क पर ही धरने पर बैठ गए. डॉ. अक्षत सोनी ने बताया, '' इंटर्न को अभी सिर्फ 14 हजार 337 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है, इसे बढ़ाकर कम से कम 25 हजार किया जाना चाहिए. सरकार ने पूर्व में इसे बढ़ाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन यह राशि अब तक नहीं बढ़ाई गई.''

प्रदेश में सबसे कम मिल रहा स्टाइपेंड
इंटर्न डॉक्टर्स ने कहा, '' देश में जम्मू कश्मीर के बाद मध्यप्रदेश में इंटर्न को सबसे कम स्टाइपेंड मिल रहा है. उत्तर प्रदेश सरकार भी इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपए प्रतिमाह कर चुकी है.'' उधर डॉक्टर्स के प्रदर्शन के चलते पॉलीटेक्निक चौराहे से हमीदिया रोड पर आने-जाने वाली सडक पर जाम लग गया. लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए ट्रेफिक जाम में फंसकर निकलना पड़ा.

एक माह पहले मिला था आश्वासन
इंटर्न डॉक्टर संकेश शर्मा ने कहा, '' स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कोई अचानक नहीं है. लंबे समय से इसे लेकर सरकार से मांग की जाती रही है. एक माह पहले भी इंटर्न डॉक्टर्स ने अपनी मांग को लेकर भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी. हालांकि, उस वक्त जल्द मांग पूरी करने का भरोसा जताया गया था, लेकिन अभी तक इसे लेकर सरकार ने कोई फैसला ही नहीं किया है. यही वजह है कि मंगलवार से प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों सं संबद्ध हॉस्पिटल में ओपीडी बंद रखी जाएगी.''
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उधर मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने कहा, '' डॉक्टर्स पर कार्रवाई की गई तो सभी डॉक्टर्स एकजुट होंगे.''
देर रात तक जारी रहा आंदोलन
भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन देर रात तक जारी रहा. भोपाल के कमला पार्क की सड़क पर इंटर्न डॉक्टर धरने पर बैठे हैं, जिसके चलते पूरा क्षेत्र आंदोलन स्थल में तब्दील हो गया. भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा भी आंदोलनकरी मेडिकल छात्रों से मिलने पहुंचे और उनको समझाने का प्रयास भी किया लेकिन कलेक्टर की भी बात को डॉक्टर्स ने नहीं मानी.

