सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों के पक्ष में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का अहम आदेश, एरियर्स के साथ मिलेगी बकाया राशि
अंतिम वेतन से वेतन वृद्धि नहीं होने को लेकर सुपर स्पेशलिटी डॉक्टर्स एसोसिएशन रीवा ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दायर की थी याचिका.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : March 1, 2026 at 10:32 PM IST
जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शासकीय अस्पतालों में कार्यरत सुपर स्पेशलिटी डॉक्टर्स के हित में अहम फैसला सुनाया है. अपने इस महत्वपूर्ण फैसले में शासकीय अस्पतालों में कार्यरत सुपर स्पेशलिटी डॉक्टर्स को अब उनके द्वारा प्राप्त अंतिम वेतन से 8 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा. हाईकोर्ट ने एरियर्स के भुगतान के भी आदेश दिए हैं.
अंतिम वेतन से वेतन वृद्धि के साथ एरियर्स के भुगतान का आदेश
जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने सुपर स्पेशलिटी डॉक्टर्स के हित में अहम फैसला सुनाया. उन्होंने अंतिम वेतन से 8 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ देने के आदेश दिए हैं. इसके अलावा 6 फीसदी ब्याज के साथ 2018 से एरियर्स का भुगतान करने के भी आदेश दिए. इसके अलावा शासन को ऑपरेशन और उपचार से प्राप्त राजस्व की 20 फीसदी राशि का भी भुगतान करने को कहा. एकलपीठ ने मामले में स्पष्ट किया कि चूंकि उपरोक्त भुगतान करने के लिए एक नियम है, इसलिए सरकार नियमों के विपरीत कार्य नहीं कर सकती. न्यायालय ने कहा कि उक्त भुगतान प्रदेश के सभी शासकीय सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों को दिया जाए.
सुपर स्पेशलिटी डॉक्टर्स एसोसिएशन रीवा ने की थी याचिका दायर
वेतन वृद्धि की गणना की मांग को लेकर सुपर स्पेशलिटी डॉक्टर्स एसोसिएशन रीवा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इस याचिका में कहा गया था कि सरकार प्रारंभिक निर्धारित वेतन से वेतन वृद्धि की गणना कर रही है. डॉक्टर्स को हर साल मिलने वाली वेतन वृद्धि को अगले वर्ष की वेतन वृद्धि की गणना में नहीं जोड़ा जाता है. याचिका में मांग की गई कि अंतिम वेतन से वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान किया जाए.
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एकलपीठ ने आयुक्त के आदेश को कर दिया निरस्त
सुनवाई पश्चात जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने कहा कि "2018 की अधिसूचना के नियम के अनुसार प्रत्येक वर्ष 8 प्रतिशत की वेतन वृद्धि दी जानी है. यदि निर्धारित प्रारंभिक वेतन से वेतन वृद्धि दी जाती है, तो वास्तव में एक वर्ष के बाद कोई वेतन वृद्धि नहीं होगी. पूरी सेवा अवधि में, सुपरस्पेशलिटी डॉक्टर को प्रारंभिक वेतन से केवल 8 फीसदी की वेतनवृद्धि ही मिलेगी."
हाईकोर्ट ने आयुक्त के उस आदेश को अनुचित करार देते हुए निरस्त कर दिया, जिसमें सुपर स्पेशलिटी डॉक्टर्स को प्रारंभिक वेतन से केवल 8 फीसदी की वेतन वृद्धि देने का प्रावधान किया गया था. याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अमित सिंह ने पैरवी की.

