यशोदा योजना पर कांग्रेस ने दागे दनादन सवाल, कुपोषण के खात्मे का खाका पेश कर रहीं मंत्री
मध्य प्रदेश सरकार कुपोषण दूर करने के लिए स्कूलों और आंगनबाड़ियों में बांटेगी टेट्रा पैक मिल्क. योजना में यशोदा शब्द पर कांग्रेस ने उठाई आपत्ति.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 19, 2026 at 4:53 PM IST
|Updated : February 19, 2026 at 6:38 PM IST
भोपाल: महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि कुपोषण का पूरी तरह से खात्मा हमारा लक्ष्य है और उसे खत्म करने के लिए ही यशोदा योजना शुरू की गई है. उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ियों के साथ आठवीं तक पढ़ने वाले स्कूली बच्चों की सेहत सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के अमल में लाने को लेकर पूरा खाका तैयार किया जा रहा है.
उधर कांग्रेस के विधायक फूल सिंह बरैया ने योजना के अमल में आने से पहले उसके नाम पर सवाल खड़ा कर दिया है. बरैया का कहना है किसी देवी-देवता के नाम से योजना नहीं शुरू की जानी चाहिए. फिर कई धर्मों के लोग ये मांग उठाएंगे कि हमारे भगवान के नाम पर भी योजना शुरू होनी चाहिए. मोहन सरकार की इस नई योजना में आठवीं तक के बच्चों को मिड-डे मिल के साथ टेट्रा पैक में दूध दिया जाएगा.
कुपोषण को मिटाने यशोदा योजना पर अमल
महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने यशोदा योजना के अमल को लेकर कहा है कि "हमारा लक्ष्य है कुपोषण के मामलों में कमी लाना और फिर उसे पूरी तरह से खत्म करना. यशोदा योजना को कुपोषण से निपटने के लिए ही लागू किया गया है." ये योजना अमल में कैसे आएगी, इस सवाल के जवाब में मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि "आने वाले समय में इसे किस तरह से इम्पलीमेंट किया जाएगा. इसका पूरा खाका तैयार होगा. उसी को देखते हुए पॉलिसी आएगी और हम आप लोगों को बताएंगे."
मुख्यमंत्री ने कहा हर बच्चा कृष्ण-बलराम जैसा तंदुरुस्त हो
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने यशोदा योजना को लेकर कहा था कि "इस योजना का उद्देश्य यही है कि स्कूल का हर बच्चा भगवान कृष्ण और बलराम की तरह से तंदुरुस्त हो. इसी तरह से सरकार का ये प्रयास है कि कृष्ण के नगर द्वारिका के तरह से नगर बनें. इस योजना में 80 लाख बच्चों को दूध पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है."
यशोदा नाम को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस के विधायक फूल सिंह बरैया योजना के काम से पहले उसके नाम पर एतराज उठा रहे हैं. विधायक फूल सिंह बरैया का कहना है कि "भारतीय जनता पार्टी की जो शैली है, जिस तरह से उन्होंने यशोदा के नाम से भगवान के नाम पर योजना शुरू की है. जबकि भगवान के नाम पर यशोदा के नाम पर उनको ये योजना शुरू नहीं करनी चाहिए थी.
उसकी वजह ये है कि कई धर्मों के लोग हैं, वो कहेंगे फिर हमारे भगवान के नाम से भी योजना शुरू करो. जो विषय राजनीति में है नहीं, उसे क्यों लाना. उनका कहना था कि इससे भगवान के ऊपर बात चली जाएगी और विकास पीछे रह जाएगा. लोकतंत्र में रिलीजन के लिए कोई स्थान नहीं है. मैं समझता हूं इससे इर्ष्या बढ़ जाएगी इसलिए ये नहीं होना चाहिए."
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क्या है पूरी योजना, लाभार्थी कौन होंगे
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने 2026-27 के बजट में यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना शामिल की गई है. इस योजना के लाभार्थियों में आठवीं तक के छात्र होंगे. इस योजना का लक्ष्य ये है कि छात्रों का पोषण स्तर सुधारा जाए. इसके लिए अब स्कूली बच्चों को मिड-डे मील के साथ ट्रेटा पैक दूध उपलब्ध कराया जाएगा. इसमें प्रदेश के करीब 80 लाख स्कूली बच्चे लाभार्थी होंगे.
पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ महिला बाल विकास विभाग इस योजना के क्रियान्वय का हिस्सा होगा. इस योजना के लिए बजट में 700 करोड़ का प्रावधान किया गया है. स्कूली बच्चों के अलावा प्रदेश भर की आंगनबाड़ियों के करीब 48 लाख बच्चे भी इसके लाभार्थियों में शामिल हैं.

