सरकारी स्कूल में एडमिशन के बदल रहे नियम, मध्य प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों के स्टूडेंट्स को भी फायदा
सांदीपनि स्कूलों में एडमिशन का एक नियम बन रहा था बच्चों के लिए परेशानी, मध्य प्रदेश सरकार लेने जा रही बड़ा फैसला.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 2, 2026 at 10:40 PM IST
|Updated : June 2, 2026 at 10:50 PM IST
भोपाल : मध्यप्रदेश में संचालित सांदीपनि स्कूलों में जल्द ही प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स भी एडमिशन ले सकेंगे. राज्य सरकार इन स्कूलों में एडमिशन को लेकर जल्द ही बदलाव करने जा रही है. प्रदेश में अभी 370 सांदीपनि स्कूल संचालित हैं. इन स्कूलों की बेहतर व्यवस्थाओं को देखते हुए प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स भी इन स्कूलों में एडमिशन के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इन स्कूलों में सिर्फ सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को ही एडमिशन दिया जा रहा है. हालांकि, राज्य सरकार जल्द ही इस नियम में बदलाव करने जा रही है.
एक नियम बना बच्चों के लिए परेशानी
प्रदेश में सांदीपनि स्कूलों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. प्रदेश में अभी 274 सांदीपनि स्कूल हैं, इसमें से 96 स्कूल जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित किए जाते हैं, जबकि बाकी स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे हैं. प्रदेश में 92 सांदीपनि स्कूलों की बिल्डिंग निर्माण का काम पूरा हो चुका है. अब दूसरे चरण में 200 नए सांदीपनि स्कूलों का निर्माण कार्य चल रहा है. इस पर करीबन 3600 करोड़ रुपए का खर्च किया जाएगा.

यह भी पढ़ें- एमपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं द्वितीय परीक्षा के आवेदन की तारीख बढ़ाई, नोट कर लें नई तारीख
हाईटेक हो रहे सांदीपनि स्कूल
लोक शिक्षण संचालनालय के ज्वाइंट डायरेक्टर प्रमोद सिंह के मुताबिक, '' सांदीपनि स्कूलों में लगातार गुणत्मक सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं. स्कूलों के नए भवनों का काम भी तेजी से किया जा रहा है. इन स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना पहले ही कर दी गई है. इसके अलावा स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग, हिंदी के अलावा अंग्रेजी माध्यम से भी पढ़ाई कराई जा रही है.
पहले नहीं था प्राइवेट स्कूलों के छात्रों के लिए प्रावधान
2021 में शुरू हुई इस योजना का पूर्व में नाम सीएम राइज रखा गया था. शुरूआत से ही स्कूल में प्रवेश संबंधी नियमों में प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को एडमिशन दिए जाने का प्रावधान नहीं है. यह नियम उन छात्रों पर भारी पड़ रहा है, जो अब इन स्कूलों में एडमिशन लेना चाहते हैं. हालांकि, स्कूल शिक्षा विभाग अब जल्द ही इस नियम में बदलाव करने जा रहा है. अब सरकारी स्कूलां के बच्चों के अलावा प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को भी इन स्कूलों में एडमिशन मिल सकेगा. हालांकि, यह सीटों की उपलब्धता, कक्षा के स्तर और अन्य पात्रता शर्तों के आधार पर तय किया जाएगा.

