अभिमन्यु का मैसेज और सीएम मोहन यादव ने बचाई जिंदगियां, ईटीवी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में खोला पॉवर बंगलो में अकेले रहने का राज
मध्य प्रदेश सरकार के 2 साल पूरे. ईटीवी भारत ब्यूरो हेड शिफाली पांडे का सीएम डॉ मोहन यादव के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : December 13, 2025 at 10:28 PM IST
|Updated : December 14, 2025 at 9:07 AM IST
भोपाल: मोहन यादव सरकार के 2 साल पूरे होने के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ईटीवी भारत के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की. इस दौरान उन्होंने हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया. उपलब्धियां गिनाने के साथ मुख्यमंत्री ने बेबाकी से बताया कि शपथ ग्रहण के ठीक बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या थी? वह उसे कैसे खत्म कर पाए. डॉ. यादव ने बताया लाड़ली बहनों से किए वादे को लेकर सरकार की रणनीति क्या है. कानून व्यवस्था को लेकर प्लान क्या है. कैसे उनके अपने बेटे की एक सलाह के बाद उन्होंने वो निर्णय लिया जिसने उन्हें निजी तौर पर संतुष्टि दी.
प्रश्न- इतने बड़े बंगले में 2 साल से अकेले रह रहे हैं आप, बीते दिनों आपने अपने बेटे की शादी सामूहिक सम्मेलन में की. मुख्यमंत्री के बेटे की शादी का जश्न नहीं, ऐसे सादे समारोह के लिए कैसे तैयार किया उन्हें.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, "मैं इस पर इतना कहना चाहूंगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा परिवार में बड़ा रोल अदा करती है. प्रधानमंत्री अपनी मां से जिस तरह से मिलने जाते थे, परिवार से जिस तरह से मिलते हैं. मेरी जानकारी में आया कि उनके भाई के बेटे का विवाह जितनी सादगी से हुआ. एक प्रधानमंत्री के भाई के बेटे का विवाह कार्यक्रम 100 से 200 लोगों के बीच संपन्न हो गया. बहुत सामान्य तरीके से होना ये अपने आप में एक संदेश है.
हमने अपने बड़े लड़के की शादी की तब भी 40 से 50 लोगों के साथ विवाह किया था. इस बार छोटे बेटे से कहा कि बेटा अगर अपना सामूहिक विवाह में विवाह करें तो कैसा रहेगा. बेटा सर्जन है उनकी पत्नी भी एमबीबीएस करके पीजी कर रही है. सहजता से बच्चों ने स्वीकार कर लिया, बहुत मजा आया. जब उन्होंने सहजता से स्वीकार कर लिया और अच्छा लगा कि एक वेटर का विवाह उसी मंडप में हुआ. उसने अपनी पत्नी के साथ फेरे लिए. ड्राइवर का बेटा भी वहीं था. किसान के बेटे का ब्याह भी वहीं हो रहा था. हम सब एक ही समाज का हिस्सा हैं. डॉ यादव कहते हैं, बड़ी जवाबदारी आपके पास है तो आपको बड़े उदाहरण देने चाहिए उससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है."
प्रश्न - सबसे मुश्किल शुरुआती दो कदम होते हैं, इन बीते 2 सालों में आपके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या थी. जिसे आप पूरा कर सके.
डॉ. मोहन यादव ने कहा, "मुझे लगता है कि बीते 2 साल में सबसे बड़ी चुनौती नक्सलवाद थी. इतना बड़ा नेटवर्क था. इतनी संख्या थी कि उन्हें ढूंढ़कर सरेंडर के लिए मजबूर कर देना और वो भी तय समय सीमा के अंदर ये बहुत बड़ा चैलेंज था. मैंने 2 साल लगातार अधिकारियों के साथ बैठक की बात की और हम लक्ष्य तक पहुंचे. इसी तरह से नदी जोड़ो अभियान भी बहुत बड़ी चुनौती थी.
राजस्थान के साथ तो 20 साल से मुकदमे चल रहे थे. पानी के बंटवारे को लेकर जब प्रधानमंत्री जी ने आह्वान किया कि नदी जोड़ो अभियान में राज्य आगे आएं. एक दूसरे का सहयोग कर आगे बढ़ें तो ना सिर्फ उत्तर प्रदेश में केन बेतवा बल्कि राजस्थान में पार्वती कालीसिंध परियोजना और महाराष्ट्र में ताप्ती नदी जोड़ो अभियान में काम किया."
प्रश्न - लाड़ली बहनों के लिए कहा जाता था कि ये योजना सरकार आने के बाद बंद हो जाएगी. 1500 रुपए तक की राशि मिल रही है, लाड़ली बहनों के लिए क्या संदेश है. प्लानिंग क्या है.
सीएम यादव ने कहा, "लाड़ली बहनों की राशि के लिए ठोस काम कर रहे हैं. हमने अभी 1500 रुपए की राशि कर दी है. आगे भी हम कटिबद्ध हैं. कांग्रेस झूठ फैलाती है, लेकिन लाड़ली बहनों को ये स्पष्ट संदेश है कि उनका भाई पीछे हटता नहीं है. कांग्रेस का झूठ चल नहीं पाता."
प्रश्न - मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था की जो स्थिति है अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के बावजूद जो महिलाओं के साथ अपराध बढ़े हैं, उस पर पूरी तरह से रोकथाम की कार्य योजना क्या है.
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि "हम किसी हालत में अपराध को बर्दाश्त नहीं करते. बड़े पुलिस अधिकारियों को भी हमने जेल में डाला है. इस बात की कोई गुंजाइश ही नहीं है कि अपराधी बचेंगे. कानून व्यवस्था में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी ये स्पष्ट निर्देश हैं."
प्रश्न- आपने मध्य प्रदेश की पहचान को भूगोल के बजाए इतिहास से जोड़ा है. इसमें और क्या एक्सप्लोर किया जाना बाकी है.
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि "इस क्षेत्र में लगातार काम करने की आवश्यकता है. राजधानी का स्वरूप भी बदला जा रहा है. हमारा जो गौरवशाली अतीत है. उसे वर्तमान के सामने लाया जा रहा है. आज राजधानी में विक्रमादित्य द्वार का भूमिपूजन किया गया है. इसके पहले राजा भोज पर बने द्वार का भूमिपूजन कर चुके हैं. इसी तरह से जो अतीत हमें गौरवान्वित करता है. उसमें हमने भगवान कृष्ण के अतीत से जुड़े, जो स्थल थे वहां कृष्ण पाथेय योजना चलाई, तीर्थ बनाएं वहां उनका विकास कर रहे हैं."
प्रश्न- 2 साल में लिया गया आपका एक ऐसा निर्णय जिसकी वजह से आप निजी तौर पर संतुष्ट हुए.
सीएम ने कहा, "वो आर्गन डोनेशन के लिए लोगों को प्रेरित करने का निर्णय था. मेरे बेटे डॉ. अभिमन्यु ने कहा कि आप गार्ड ऑफ ऑनर शुरू करवाएं. इससे लोगों को प्रेरणा मिलेगी. ये उन्हीं का विचार था और वास्तव में इस निर्णय से लोगों को प्रेरणा मिली. बड़े पैमाने में लोग बॉडी दान कर रहे हैं. कईयों के जीवन में बदलाव आ रहा है, तो ऐसे निर्णय मन को संतुष्टि देते हैं कि किसी का जीवन बचा पा रहे हैं."

