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देश में पहली बार गायों की ऑनलाइन हाजिरी, मध्य प्रदेश में शुरू होने जा रहा प्रयोग

मध्य प्रदेश की गौशालाओं में रखी जाने वाली गायों की हर दिन होगी ऑनलाइन अटेंडेंस. मोहन सरकार तैयार कर रही ऑटोमेटेड अटेंडेंस सिस्टम.

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देश में पहली बार गायों की ऑनलाइन हाजिरी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 27, 2026 at 4:49 PM IST

3 Min Read
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रिपोर्ट: बृजेन्द्र पटेरिया

भोपाल: आमतौर पर स्कूल और दफ्तर में पहुंचने वाले स्टूडेंट और कर्मचारियों की हर रोज अटेंडेंस लगती है लेकिन मध्य प्रदेश में जल्द ही हर रोज गोवंश की भी हाजिरी लगेगी. मध्य प्रदेश में गायों की निगरानी के लिए मध्य प्रदेश सरकार एक अनोखा प्रयोग करने जा रही है. मध्य प्रदेश की गौशालाओं में रखी जाने वाली गायों की हर दिन ऑनलाइन अटेंडेंस लगाई जाएगी. इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ऑटोमेटेड अटेंडेंस सिस्टम तैयार कर रही है.

मध्य प्रदेश के पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे किए जा रहे इस प्रयोग को लेकर कहा कि देश में यह अपने तरह का पहला नवाचार होगा. इस सिस्टम के तैयार होने के बाद गौशालाओं में गोवंश की संख्याओं को लेकर होने वाले विवाद को खत्म किया जा सकेगा.

चिप से हर रोज लगेगी अटेंडेंस

विधानसभा में मध्य प्रदेश में संचालित गौशालाओं को लेकर सवाल पूछा गया था. सरकार से पूछा कि प्रदेश में संचालित गौशालाओं में गोवंश की काउंटिंग को लेकर क्या पद्धति अपनाई जाती है.

मोहन सरकार तैयार कर रही ऑटोमेटेड अटेंडेंस सिस्टम (ETV Bharat)

पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि "मध्य प्रदेश में पहली बार गोवंश की निगरानी के लिए ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया जा रहा है. गौशालाओं में रखे जाने वाले गोवंश को एक चिप से जोड़ा जाएगा और इसके बाद हर रोज इस चिप के माध्यम से गोवंश की अटेंडेंस लगाई जाएगी. यह पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड होगी. गायों की ऑनलाइन अटेंडेंस को लेकर डेमोंसट्रेशन जल्द ही कराया जाएगा. इसकी प्रक्रिया चल रही है. मंत्री ने कहा कि यह पूरे देश में अपनी तरह का पहला प्रयोग होगा."

कराई जाएगी अलग-अलग टैगिंग

पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि "प्रदेश में अभी सभी गोवंश के लिए एक ही कलर की टैगिंग की जाती है. इससे निराश्रित गोवंश और पालतू गोवंश को पहचानने में समस्या आती है लेकिन अब प्रदेश में निराश्रित गोवंश और पालतू गोवंश के लिए अलग-अलग कलर की टैगिंग की जाएगी. मंत्री के जवाब से संतुष्ट भाजपा विधायक ने कहा कि सरकार के इस प्रयोग से गौशालाओं में गोवंश की निगरानी आसान होगी.

प्रदेश में संचालित हैं 3000 से ज्यादा गौशालाएं

सरकार ने लिखित जवाब में बताया कि मध्य प्रदेश में कुल 3127 गौशालाएं पंजीकृत हैं. इसमें से 3040 गौशालाएं संचालित हो रही हैं. प्रदेश में सबसे ज्यादा 156 गौशालाएं छतरपुर में संचालित हो रही हैं. इसके अलावा राजगढ़ में 151, विदिशा में 144, उज्जैन में 96, देवास में 84, शाहजहांपुर में 82, छतरपुर में 156, आगर मालवा में 140, शिवपुरी में 148, अशोकनगर में 94, देवास में 84, शाजापुर में 82, टीकमगढ़ में 80, रीवा में 76 और मऊगंज में 75 गौशालाएं संचालित हो रही हैं.