मध्य प्रदेश विधानसभा में विजयवर्गीय ने मोहन यादव को बताया टी-20 का कप्तान, दिग्विजय, कमलनाथ की भी तारीफ
मध्य प्रदेश विधानसभा के गठन के बाद हुई पहली बैठक को 69 साल पूरे होने पर विशेष सत्र का आयोजन. फोटो प्रदर्शनी में दिखा इतिहास.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : December 17, 2025 at 8:14 PM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के गठन के बाद हुई पहली बैठक को 69 साल पूरे हो चुके हैं. 70वें साल में प्रवेश के मौके पर एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया. सदन में विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प पर चर्चा की शुरूआत करते हुए डॉ मोहन यादव ने सरकार के कामों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी. इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 1956 से लेकर मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्रियों तक का जिक्र किया.
उन्होंने मौजूदा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को टी-20 क्रिकेट फॉर्मेट का कप्तान बताया और उनकी तुलना कैप्टन सूर्यकुमार से की. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि "मोहन यादव ने आते ही हम सभी को किट दे दी. इसके बाद कहा मुख्यमंत्री आज सूट-बूट में आ गए और हम मंत्री विधायक गरीबों जैसी वेश-भूषा में हैं. उनकी इस बात पर सदन में खूब ठहाके लगे.
'दिल की बात जुबां पर आ गई'
कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि "आज दिल की बात जुबां पर आ ही गई. यह पीड़ा है कि मुख्यमंत्री अपने मंत्री और विधायकों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. आज विजयवर्गीय ने सदन में यह कह ही दिया." उधर, सदन को संबोधित करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने मध्य प्रदेश के तमाम मुख्यमंत्रियों के कामों का जिक्र किया.
विजयवर्गीय ने की दिग्विजय, कमलनाथ की तारीफ
संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि "पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुल्क ने ही मास्टर प्लान बनाने की शुरूआत की. प्रकाश चंद्र सेठी लॉ एंड ऑर्डर के लिए जाने जाते थे. कैलाश जोशी राजनीतिक संत के रूप में जाने जाते हैं. उन्होंने ग्रामीण विकास पर बहुत काम किया. वे बिरले नेता थे, जो काजल की कोठरी में रहकर उन पर एक भी दाग नहीं लगा."
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि "अर्जुन सिंह चाणक्य नेता थे, उनके प्रशासनिक उपयोग का एक किस्सा भी सदन में सुनाया. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह ऐसे नेता हैं कि उनके दरवाजे अगर कोई पहुंच जाए, चाहे पक्ष का हो या विपक्ष का तो वे उसकी पूरी मदद करते थे. कमलनाथ को लेकर विजयवर्गीय ने कहा कि उनकी प्रशासनिक क्षमता जबरदस्त थी और उन्होंने कई बेहतर काम शुरू किए, लेकिन उन्हें कम समय मिला."
नेता प्रतिपक्ष बोले पहले 2027 की गारंटी चाहिए
इसके पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि "नेता भी हैं, नीति भी हैं लेकिन नीयत होनी चाहिए. सिर्फ घोषणाओं से कुछ नहीं होगा. 2047 से पहले 2027 है और हमें 2027 की गारंटी चाहिए. सरकार लाड़ली बहनों को 3 हजार रुपए प्रतिमाह देने का वादा पूरा करे. सरकार ने जो भी घोषणाएं की हैं, उन्हें पूरा करने की गारंटी दे."
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विधानसभा में लगी प्रदर्शनी
विधानसभा परिसर में विधानसभा के 69 सालों के इतिहास से जुड़ी तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाई गई. इसे विधानसभा की 7 दशक की यात्रा नाम दिया गया. इस चित्र प्रदर्शनी का राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने उदघाटन किया. इस प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश की पहली विधानसभा से लेकर 16वीं विधानसभा तक से जुड़ी अहम जानकारी को फोटोग्राफ्स के माध्यम से दिखाया गया.

