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MP विधानसभा में डॉग पर गरमाई बहस, कांग्रेस विधायक बोले- कुत्तों के प्रभारी हैं मंत्री जी

मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र का दूसरा दिन रहा हंगामेदार, छाया आवारा कुत्तों का मुद्दा, भार्गव ने कहा कि खत्म हो कुत्तों की नस्ल.

MP ASSEMBLY STRAY DOG ISSUE
एमपी विधानसभा में कुत्तों पर हुई तीखी नोकझोक (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 18, 2026 at 8:07 AM IST

4 Min Read
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भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में करीब 40 मिनट कुत्तों का मुद्दा गरमाया रहा. कांग्रेस विधायक आतिफ अकील के डॉग बाइट के मामले पर लगाए गए एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के साथ मुद्दा ऐसा उठा कि पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक गोपाल भार्गव ने सदन में कह दिया कि क्या आवश्यकता है कुत्तों की. आवारा हो या पालतू इनकी नस्ल ही खत्म की जाए. चूंकि प्रश्न नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जुड़ा था, तो जवाब देने से पहले उन्होंने कहा कि सारे कुत्तों से मुझे ही निपटना है.

विधानसभा में उठा आवारा कुत्तों का मुद्दा

ध्यानाकर्षण में कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने भोपाल में आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती आबादी पर अंकुश लगाने और डॉग बाइट के बढ़ते मामलों का मुद्दा उठाया था. उन्होंने बताया कि अकेले भोपाल में बीते साल 19 हजार से ज्यादा डॉग बाइट के मामले आए हैं, जिस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में बताया कि बदलते मौसम और कुपोषण से श्वान आक्रामक हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स भोपाल में लागू है.

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स्वान से निपटने के लिए सरकार कर रही काम

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधायक आतिफ अकील के डॉग बाइट के मामले और कुत्तों की बढ़ती आबादी के ध्यानाकर्षण पर कहा कि आवारा श्वान एक सामुदायिक प्राणी के रूप में सदियों से हमारे बीच में हैं. बदलते मौसम के कारण श्वान आक्रामक हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि "भोपाल में नगर निगम की टीम श्वान से निपटने के लिए लगातार काम कर रही है. कुत्तों की नसबंदी केन्द्रों की भी संख्या बढ़ाई जा रही है. इसके अलावा सरकार एंटी रेबीज टीकाकरण भी बढ़ा रही है."

मंत्री कैलाश कुत्तों के भी प्रभारी हैं: विधायक भंवर सिंह

विजयवर्गीय ने कहा कि "भूखा रहने पर भी कुत्ता आक्रामक होता है. सदियों से आज भी कई परिवारों में श्वान परिवार के सदस्य की तरह रहते हैं. हमारे मोहल्ले में 30 से 40 कुत्ते रहते हैं. किसी को नहीं काटा, हर घर से लेकर एक रोटी कुत्तों को खिलाई जाती है. हम सभी कमेटी बनाकर इस पर विचार करें." विजयवर्गीय ने जवाब के शुरुआत में कहा कि "सारे कुत्तों से मुझे ही निपटना है." इस पर कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि "पहली बार पता चला कि कैलाश विजयवर्गी कुत्तों के भी प्रभारी मंत्री हैं."

पूर्व मंत्री ने भार्गव ने कहा कि कुत्तों की नस्ल खत्म हो

सदन में आवारा कुत्तों की समस्या विषय पर बोलते हुए पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि "सरकार 80 करोड़ लोगों को राशन दे रही है, लेकिन लोग इतने संपन्न हो गए हैं कि एक लाख की कीमत वाले श्वान रखते हैं. उन्होंने डॉग बाइट के मुद्दे पर कहा कि "इस पर सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट यहां तक की संसद में भी बहस हुई है." उन्होंने कहा कि "कुत्ते आवारा हों या पालतू क्या आवश्यकता है. इनकी नस्ल को ही खत्म किया जाना चाहिए. बाद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह मेरा निजी विचार है. पूरे देश में इस पर बहस चल रही है मेरी निजी सोच है कि गरीब देश में क्या कुत्तों पर व्यय करना चाहिए. उनका टीकाकरण और नसबंदी पर खर्च क्यों हो, इस पर विचार करना चाहिए."

कांग्रेस विधायक का आरोप कुत्तों की नसबंदी में भी करप्शन

कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने आरोप लगाया कि कुत्तों की नसबंदी में भी भ्रष्टाचार हो रहा है. उन्होंने दावे से कहा कि "चाहे तो सरकार इस मामले में जांच करा सकती है." कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने आतिफ अकील के आरोप का समर्थन किया और कहा कि कागजों पर ही करोड़ों की नसबंदी कर दी जा रही है. उन्होंने बड़वानी में कुत्तों के काटने से हुई मौत के बाद रेबीज इंजेक्शन पर भी सवाल उठाए और पूछा कि कहीं ये इंजेक्शन भी तो नकली नहीं हैं."