सदर अस्पतालों को हाईटेक करने की तैयारी, एक क्लिक पर मिलेगी डॉक्टर, दवा और सुविधाओं की जानकारी
रांची में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी की मौजूदगी में एक कंपनी के साथ एमओयू किया गया. राजेश कुमार सिंह की रिपोर्ट.

Published : August 25, 2026 at 6:15 PM IST
रांचीः झारखंड में सदर अस्पतालों की व्यवस्था को अब डिजिटल और हाईटेक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. राज्य के सभी जिलों के सदर अस्पतालों को डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया का मंगलवार को शुभारंभ किया गया.
रांची के नेपाल हाउस में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की मौजूदगी में रॉडिक कंपनी के साथ एमओयू किया गया. सरकार का दावा है कि इस पहल से मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल से जुड़ी जरूरी जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से मिल सकेगी.
डिजिटल बोर्ड पर दिखेगी अस्पताल की पूरी जानकारी
नई व्यवस्था के तहत सदर अस्पतालों में डिजिटल बोर्ड और ऑनलाइन माध्यम से अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी. मरीजों को यह पता चल सकेगा कि अस्पताल में कौन-कौन सी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं, ड्यूटी पर कौन से डॉक्टर मौजूद हैं और कौन सी दवाएं उपलब्ध हैं. इसके अलावा जरूरी सूचनाएं भी डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी.

अलग-अलग काउंटरों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत
अस्पताल में जानकारी लेने के लिए मरीजों और उनके परिजनों को अलग-अलग काउंटर या विभाग में जाने की जरूरत कम होगी. एक ही प्लेटफॉर्म पर जरूरी जानकारी मिलने से समय की बचत होगी और अस्पताल आने वाले लोगों को सुविधाजनक तरीके से सेवाओं की जानकारी मिल सकेगी. सरकार का फोकस तकनीक के जरिए मरीजों की परेशानी कम करने पर है.
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक डिजिटल सिस्टम सिर्फ मरीजों को जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेगा. अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों, सेवाओं और दूसरी महत्वपूर्ण गतिविधियों की निगरानी भी डिजिटल माध्यम से बेहतर तरीके से की जा सकेगी. इससे अस्पतालों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

इलाज के साथ जानकारी जरुरी- स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा का मतलब सिर्फ अस्पताल बनाना या इलाज उपलब्ध कराना नहीं है. मरीज को सही समय पर सही जानकारी मिलना भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से स्वास्थ्य व्यवस्था को ज्यादा सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की कोशिश की जा रही है.
सदर अस्पताल बनेंगे डिजिटल हेल्थ सेंटर बनेंगे
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के सदर अस्पतालों को आधुनिक तकनीक से लैस करना है. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल सिर्फ इलाज के केंद्र बनकर न रहें, बल्कि ऐसे डिजिटल हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित हों, जहां मरीज को इलाज के साथ-साथ अस्पताल की हर जरूरी जानकारी आसानी से मिल सके.

डेटा आधारित निगरानी से मजबूत होगी व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक को शामिल करना समय की जरूरत है. उनके मुताबिक इससे मरीजों को बेहतर सूचना देने के साथ-साथ अस्पतालों की सेवाओं और उपलब्ध संसाधनों की निगरानी भी ज्यादा प्रभावी तरीके से की जा सकेगी. उन्होंने इसे झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक और डेटा आधारित बनाने की दिशा में अहम पहल बताया.
चरणबद्ध तरीके से लागू होगी डिजिटल व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य के सदर अस्पतालों में डिजिटल सूचना प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जाएगा. अस्पतालों में उपलब्ध सेवाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ अस्पताल प्रबंधन और निगरानी तंत्र को भी तकनीक से जोड़ने पर जोर रहेगा. सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल सिस्टम का फायदा सीधे मरीजों और उनके परिजनों तक पहुंचे.
एमओयू कार्यक्रम के दौरान एमडी, एनएचएम शशि प्रकाश झा समेत स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे. सरकार का मानना है कि इस पहल के आगे बढ़ने से राज्य के सदर अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सूचना, आसान पहुंच और ज्यादा पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
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