ETV Bharat / state

मोतिहारी चीनी मिल जमीन घोटाला: 14 एकड़ भूमि का गलत परिमार्जन करने पर राजस्व कर्मचारी निलंबित

मोतिहारी चीनी मिल की 14 एकड़ विवादित जमीन का गलत परिमार्जन करने पर डीएम ने राजस्व कर्मचारी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की.

motihari sugar mill land scam
मोतिहारी चीनी मिल जमीन घोटाला (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 28, 2026 at 7:44 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी चीनी मिल की 14 एकड़ भूमि के गलत परिमार्जन मामले में नवपदस्थापित डीएम सौरभ सुमन यादव ने बड़ी कार्रवाई की है. उन्होंने सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी कृष्णा कुमार श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. आरोप है कि उन्होंने तीन अलग-अलग आवेदनों में गलत जांच रिपोर्ट तैयार की थी. इसी रिपोर्ट के आधार पर चीनी मिल की जमीन का नियम विरुद्ध परिमार्जन हुआ था. सदर डीसीएलआर के संज्ञान में मामला आने के बाद पोर्टल पर इसे शून्य कर दिया गया है.

दबाव का आरोप और नियम उल्लंघन: चर्चा है कि एक बड़े अधिकारी के डाटा ऑपरेटर ने राजस्व कर्मचारी पर 'साहब का आदेश है' कहकर दबाव बनाया था. इसी दबाव में आकर कर्मचारी ने गलत अनुशंसा की, जिसे कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता माना गया है. अधिकारियों के अनुसार यह आचरण भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के खिलाफ है. प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर यह निलंबन आदेश जारी किया गया है.

"राजस्व कर्मचारी कृष्णा कुमार श्रीवास्तव ने तीनों परिमार्जन मामलों में अनियमितता बरती है. इनका आचरण भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के खिलाफ है. प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर इन्हें निलंबित किया गया है." -सौरभ सुमन यादव, DM, मोतिहारी

motihari sugar mill land scam
डीएम सौरभ सुमन यादव (ETV Bharat)

मुख्यालय निर्धारण और विभागीय जांच: निलंबन अवधि के दौरान कृष्णा कुमार श्रीवास्तव का मुख्यालय अंचल कार्यालय अरेराज तय किया गया है. नियमावली के तहत उन्हें जीवन-निर्वाहन भत्ता दिया जाएगा. डीएम ने सदर अंचलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे कर्मचारी के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करें. इसे 15 दिनों के भीतर विभागीय कार्रवाई के लिए समाहर्ता पूर्वी चंपारण को सौंपना होगा. मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.

विवादित भूमि और हड़कंप की स्थिति: मोतिहारी चीनी मिल की जमीन का मामला काफी समय से विवादों में घिरा रहा है. डीसीएलआर की सतर्कता से ऑनलाइन परिमार्जन भले ही शून्य हो गया हो, लेकिन डीएम की इस कड़ी कार्रवाई ने पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मचा दिया है. इस एक्शन को भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति से जोड़कर देखा जा रहा है. नवपदस्थापित डीएम ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी जमीन से छेड़छाड़ करने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

भविष्य की कार्रवाई पर टिकी नजरें: चीनी मिल जमीन मामले में प्रशासनिक स्तर पर यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. फिलहाल निलंबित राजस्व कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो चुकी है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि जांच की आंच कहां तक पहुंचेगी. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और किन अन्य अधिकारियों पर गाज गिरती है.

ये भी पढ़ें: