मेरठ में मासूमों के सामने मां की हत्या; पूरे इलाके में मचा कोहराम
थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र से दिल दहला देने वाली वारदात, तीन छोटे बच्चे घर में ही थे.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 1, 2026 at 1:21 PM IST
|Updated : May 1, 2026 at 2:17 PM IST
मेरठ: थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. मजीदनगर इलाके में एक महिला की धारदार हथियार से गर्दन रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई. जिस वक्त कातिल वारदात को अंजाम दे रहा था. मृतका के तीन मासूम बच्चे घर के अंदर ही मौजूद थे. घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है.
मासूम बच्चों के सामने मां की गर्दन रेती: लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र एक बार फिर खून से लाल हो गया है. मजीदनगर में शनिवार को एक महिला की गर्दन रेतकर हुई बेरहमी से हत्या ने न केवल इलाके को दहला दिया है, बल्कि मेरठ पुलिस के इकबाल पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आए दिन हो रही वारदातों से ऐसा प्रतीत होता है कि इस क्षेत्र में अपराधियों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है.
कौसर का शव खून के सैलाब के बीच पड़ा था. पति साकिब घटना के समय घर पर नहीं था. सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य तो जुटाए, लेकिन मोहल्ले के लोगों के चेहरों पर पसरा डर पुलिस की विफलता की कहानी खुद बयां कर रहा था.
एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर भेजी गई थी. महिला का शव कमरे में मिला है. गर्दन पर धारदार हथियार के निशान हैं. हमने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. परिजनों और संदिग्धों से पूछताछ जारी है. जल्द ही मामले का अनावरण कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया जाएगा.
पड़ोसी इसरार ने बताया कि बच्चे बाहर भागते हुए आए और रोने लगे. हमने जाकर देखा तो कौसर लहूलुहान पड़ी थी. साकिब को फोन किया गया तो वो भी दंग रह गया. इस इलाके में अब घर के अंदर भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. समझ नहीं आता कि पुलिस क्या कर रही है.
सवालों के घेरे में लिसाड़ी गेट पुलिस: मजीदनगर की यह घटना कोई इकलौती वारदात नहीं है. लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र पिछले कुछ समय से अपराध का हॉटस्पॉट" बन गया है. स्थानीय निवासियों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भारी रोष है. क्षेत्र में लूट, स्नैचिंग, अवैध हथियार और अब सरेराह हत्याएं आम बात हो गई हैं. आए दिन होने वाली गोलीबारी और आपसी रंजिश की घटनाओं ने लिसाड़ी गेट को मेरठ का सबसे संवेदनशील इलाका बना दिया है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस केवल घटना के बाद 'पंचनामा' भरने पहुंचती है. गस्त के नाम पर खानापूर्ति की जाती है, जिसके कारण संकरी गलियों में छिपे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. जब अपराधी घर में घुसकर मासूम बच्चों के सामने कत्ल कर फरार हो जाते हैं, तो पुलिस के ऑपरेशन पाताल और जीरो टॉलरेंस जैसे दावों की हकीकत सामने आ जाती है.
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