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प्रयागराज में लेटे हनुमान जी को गंगा ने कराया स्नान; आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद

मंदिर के गर्भगृह में जल प्रवेश करते ही जयकारों और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ मां गंगा की जय-जयकार.

प्रयागराज में लेटे हनुमान जी को मां गंगा ने कराया स्नान
प्रयागराज में लेटे हनुमान जी को मां गंगा ने कराया स्नान (Photo credit;ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 30, 2026 at 1:59 PM IST

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प्रयागराज: यूपी के प्रयागराज में रविवार तड़के एक बेहद दुर्लभ और पावन दृश्य देखने को मिला. जलस्तर बढ़ने के बाद गंगा जल सीधे संगम तट पर स्थित प्रसिद्ध 'श्री बड़े (लेटे) हनुमान मंदिर' के गर्भगृह तक पहुंच गया. रविवार सुबह करीब 3:45 बजे गंगाजल ने जैसे ही बजरंगबली के विग्रह का स्पर्श किया, पूरे मंदिर परिसर में भक्तों का उत्साह चरम पर पहुंच गया. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसे मां गंगा द्वारा हनुमान जी को कराया जाने वाला पावन स्नान माना जाता है.

ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत: गंगा का जल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते ही पुजारियों और श्रद्धालुओं ने जयकारों और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ गंगा मां का स्वागत किया. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा आगमन की विशेष पूजा-अर्चना की गई.


भव्य शृंगार और महाआरती: जल पहुंचने के बाद लेटे हनुमान जी का फूलों और पत्तियों से मनमोहक शृंगार किया गया. इसके बाद विधि-विधान से महाआरती संपन्न हुई और भोग लगाया गया.

प्रयागराज में लेटे हनुमान जी को मां गंगा ने कराया स्नान (Video Credit; ETV Bharat)


शयन अवस्था में गए बजरंगबली: परंपरा के मुताबिक, गंगा स्नान और महाआरती के संपन्न होने के बाद मंदिर के मुख्य कपाट बंद कर दिए गए हैं. अब प्रभु श्री हनुमान जी 'शयन अवस्था' (विश्राम) में चले गए हैं.


मान्यता और परंपरा: प्रयागराज में यह प्राचीन मान्यता है कि हर साल वर्षा ऋतु में जब गंगा जी का जलस्तर बढ़ता है, तो वह हनुमान जी के चरण पखारने और उन्हें स्नान कराने मंदिर तक जरूर आती हैं. इसे शहर और पूरे क्षेत्र के लिए शुभ और मंगलकारी संकेत माना जाता है.

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