बिहार में दर्दनाक हादसा, मां के साथ सो रही थी 4 साल की बेटी.. दोनों जिंदा जलीं
सुपौल में ईंट-फूस के घर में लगी आग ने एक महिला और उसकी 4 साल की बेटी को जिंदा जला दिया. मायके आई थी मां-बेटी.

Published : February 24, 2026 at 8:45 AM IST
सुपौल: बिहार के सुपौल जिले के नगर परिषद क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ. ईंट और फूस से बने एक छोटे से घर में अचानक लगी आग ने 22 वर्षीय नीलम देवी और उसकी चार साल की बेटी अंजली कुमारी की जान ले ली. दोनों मां-बेटी सोते समय ही आग की लपटों में घिर गई और जिंदा जलकर मौत हो गई.
बेटी के मायके आई थी महिला: नीलम देवी मूल रूप से प्रमोद पासवान की पुत्री थी. उसकी शादी करीब 7-8 वर्ष पहले सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र के आरन बिशनपुर निवासी पिंटू यादव से हुई थी. शादी के बाद नीलम ससुराल में रहती थी, जबकि उनके पति पिंटू यादव रोजगार के सिलसिले में दिल्ली में रहते हैं. उनका एक छोटा बेटा भी पिता के साथ दिल्ली में ही है. रविवार को नीलम अपनी चार साल की बेटी अंजली के साथ कुछ दिनों के लिए मायके बलवा पुनर्वास आई हुई थी.
आग ने पल भर में घर को राख में बदला: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार की रात करीब 2:30 बजे घर में अचानक आग लग गई. फूस की छत और घर में मौजूद ज्वलनशील सामान के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया. आग इतनी तेज थी कि मां-बेटी घर के अंदर फंस गईं और बाहर नहीं निकल सकीं. आसपास के लोगों को चीख-पुकार सुनाई दी, लेकिन जब तक वे मदद के लिए पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
परिजनों में छाया मातम: घटना के बाद पूरे वार्ड में मातम पसर गया. जिस घर से कभी हंसी-खुशी की आवाजें गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और राख बची है. नीलम के पिता प्रमोद पासवान और अन्य परिजन रो-रोकर बुरा हाल हैं. मृतका के भाई करण पासवान ने बताया कि नीलम कुछ दिनों के लिए मायके आई थी और ऐसा कभी सोचा भी नहीं था कि उनकी बहन और भांजी उन्हें छोड़कर चली जाएंगी.
"हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारी बहन और भांजी इस तरह हमें छोड़कर चली जाएंगी. आग कैसे लगी, यह अभी साफ नहीं है, लेकिन इस हादसे ने हमारा सब कुछ छीन लिया."-करण पासवान, मृतका के भाई
कैसे लगी आग?: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा. दोनों शवों को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल सुपौल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक अनुमान में शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी.
परिजनों ने नहीं दिया अभी आवेदन: सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि परिजनों की ओर से अब तक कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है. आवेदन मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई संभव होगी। हालांकि मृतक महिला के पति पिंटू यादव ने फोन पर सूचना दी है कि वे दिल्ली से चल चुके हैं और जल्द ही मौके पर पहुंचेंगे.
"परिजनों द्वारा अब तक आवेदन नहीं दिया गया है. आवेदन मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि मृतक महिला के पति द्वारा फोन पर सूचना दी गयी की वह दिल्ली से चल चुका है."-रामसेवक रावत, सदर थानाध्यक्ष
ये भी पढ़ें-
छपरा के हथुआ मार्केट में भीषण आग, होली और ईद का लाखों का माल जलकर राख
आग की लपटों से बची 50 मासूमों की जान!, एजुकेशनल टूर पर जा रही स्कूल बस धू-धूकर जली

