मुरैना एसपी ऑफिस में फूट-फूटकर रो पड़ी मां, शादी से पहले वकील बेटे ने की थी आत्महत्या
एसआई प्रेमिका को दूसरे प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख ग्वालियर में वकील ने कर ली थी आत्महत्या. मां लगा रही इंसाफ की गुहार.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 1, 2026 at 5:17 PM IST
मुरैना: ग्वालियर के वकील की आत्महत्या मामले ने 15 दिन बाद एक बार फिर तूल पकड़ लिया है. मृतक मृत्युंजय जादौन की मां शिवकुमारी जादौन बुधवार दोपहर मुरैना एसपी कार्यालय पहुंचीं और शिकायती आवेदन सौंपकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि "यदि समय रहते पुलिस ने उनके बेटे की शिकायत पर कार्रवाई की होती, तो आज उनका बेटा जिंदा होता."
मौत के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
मृतक की मां शिवकुमारी जादौन का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही ने उनके बेटे की जान ले ली. एसपी कार्यालय में अपनी पीड़ा सुनाते हुए वह फूट-फूटकर रो पड़ीं और न्याय की गुहार लगाई. उन्होंने कहा कि "बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि किसी और मां को ऐसा दर्द न झेलना पड़े." इस पर एसपी ने मामले में उचित जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
30 दिसंबर को होना था शादी
श्योपुर जिले के विजयपुर कस्बे के वार्ड क्रमांक 15 बजरंग कॉलोनी निवासी शिवकुमारी ने बताया कि "उनका बेटा मृत्युंजय ग्वालियर में रहकर लॉ की पढ़ाई कर रहा था. वह मुरैना जिले के सिविल लाइन थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर के साथ पिछले 5 साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था. दोनों की शादी लड़की के जन्मदिवस के दिन 30 दिसंबर 2025 को तय थी. परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त था और इस बीच ऐसी घटना हो गई.

'प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में मिली इंस्पेक्टर'
शिवकुमारी जादौन ने आरोप लगाया कि "12 दिसंबर की रात मृत्युंजय अपनी होने वाली पत्नी को सरप्राइज देने उसके सरकारी क्वार्टर मुरैना पहुंचा. वहां पहुंचकर जो देखा, उससे मृत्युंजय के होश ठिकाने नहीं रहे. कमरे के अंदर उसकी होने वाली पत्नी अपने प्रेमी अराफात के साथ आपत्तिजनक स्थिति में थी. अचानक मृत्युंजय को देखकर दोनों घबरा गए और तैश में आकर उस पर हमला कर दिया." उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि "उसे जान से मारने की नीयत से पिस्टल से 2 बार फायर करने की कोशिश भी की गई, लेकिन संयोगवश गोली नहीं चली."
शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप
शिवकुमारी का कहना है कि "इस जानलेवा हमले के बाद मृत्युंजय ने कोतवाली ओर सिविल लाईन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. लगातार अपमान, धोखे और पुलिस की अनदेखी से मृत्युंजय मानसिक रूप से टूट गया. इसी मानसिक पीड़ा में आकर उसने ग्वालियर में किराये के मकान में 14 दिसंबर की रात अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली."

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निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन
एसपी कार्यालय में आवेदन सौंपते हुए मां ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा, "अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी और मां का लाल इसी तरह सिस्टम की बेरुखी का शिकार होगा.
इस मामले में मुरैना एसपी समीर सौरभ ने बताया कि "वकील की मां उनके पास आवेदन लेकर आई थीं. आवेदन में लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोष सिद्ध होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी."

