मुरैना का लड़का यूरोप में करेगा कुंग फू, मार्शल आर्ट्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में सौरभ दिखाएंगे भारत का दम
मध्य प्रदेश चंबल की धरती से उठी एक और बुलंद उड़ान, मुरैना के सौरभ रजक का मार्शल आर्ट्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में चयन,करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 5, 2026 at 1:38 PM IST
मुरैना: कभी अपनी वीरता और संघर्षों के लिए पहचाना जाने वाला चंबल अब खेल के मैदान में भी देश का नाम रोशन कर रहा है. मुरैना शहर सौरभ रजक ने अपनी प्रतिभा के दम पर टीम इंडिया में जगह बनाकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है. अक्टूबर में यूरोप में आयोजित होने वाली मार्शल आर्ट्स वर्ल्ड चैंपियनशिप/वर्ल्ड कप में अब सौरभ भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. उनके चयन की खबर से क्षेत्र में खुशी का माहौल है.
अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे की शान बढ़ाएंगे सौरभ
चंबल की धरती ने एक बार फिर देश को ऐसा होनहार खिलाड़ी दिया है, जिसने अपनी मेहनत और लगन से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर तय किया है. मुरैना शहर की धौबी वाली गली निवासी तथा मूलतः दिमनी विधानसभा क्षेत्र के चांदपुर गांव के रहने वाले मार्शल आर्ट्स खिलाड़ी सौरभ रजक का चयन टीम इंडिया में हुआ है. अब वह अक्टूबर में यूरोप में आयोजित होने वाली मार्शल आर्ट्स वर्ल्ड चैंपियनशिप/वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. बचपन से ही मार्शल आर्ट्स के प्रति समर्पित रहे सौरभ वर्तमान में चंबल लायंस मार्शल आर्ट्स अकादमी में कोच सत्यम शर्मा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं.

परिवार और कोच को दिया उपलब्धि का श्रेय
उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास का ही परिणाम है कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व प्रतियोगिता का टिकट हासिल किया है. सौरभ ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने पिता दिनेश रजक, माता, कोच सत्यम शर्मा, चंबल लायंस मार्शल आर्ट्स अकादमी को दिया है. उन्होंने कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है और उनका लक्ष्य विश्व प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत, मध्य प्रदेश, मुरैना और पूरे चंबल का नाम दुनिया में रोशन करना है.
'आसान नहीं होता किसी खिलाड़ी का सफर'
सौरभ के चयन से मुरैना, चांदपुर गांव और पूरे चंबल अंचल में खुशी की लहर है. उनकी सफलता क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है. सौरभ रजक ने शनिवार शाम ईटीवी भारत को बताया कि "किसी भी खिलाड़ी का सफर कभी आसान नहीं होता. कुछ समय पहले गंभीर चोट और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें करीब सात महीने तक खेल से दूर रहना पड़ा.

चोट के चलते लगा करियर खत्म
वह दौर उनके जीवन का सबसे कठिन समय था और एक पल के लिए उन्हें लगा कि शायद उनका खेल करियर यहीं थम जाएगा, लेकिन इसी कठिन परिस्थिति में उनके कोच सत्यम शर्मा ने उनका हौसला बढ़ाया, मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा और दोबारा अभ्यास शुरू करने के लिए प्रेरित किया. कोच के विश्वास, मार्गदर्शन और परिवार के निरंतर सहयोग ने उन्हें फिर से खड़ा होने की ताकत दी. सौरभ ने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास की बदौलत ही आज उनका चयन टीम इंडिया में हुआ है.
- इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप में सिंगरौली के नन्हे चैंपियंस ने लहराया तिरंगा, डीएम ने किया सम्मान
- मध्य प्रदेश के गोल्डन बॉय सोहेल खान ने कूडो में जीता सिल्वर, अक्षय कुमार, डिंपल कपाड़िया हुए मुरीद
कॉमनवेल्थ और ओलंपिक में जीतना है मेडल
सौरभ ने बताया कि उनका सपना केवल वर्ल्ड चैंपियनशिप तक सीमित नहीं है. उनका लक्ष्य भविष्य में कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक जैसे प्रतिष्ठित खेल आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए पदक जीतना है. उन्होंने कहा कि वे अपनी मेहनत, अनुशासन और बेहतर प्रदर्शन के दम पर तिरंगे को विश्व मंच पर सबसे ऊंचा लहराना चाहते हैं.

