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दो हजार दो, जाति प्रमाण पत्र लो, आरआई ने ली रिश्वत, लोकायुक्त ने दिन में दिखाए तारे

मुरैना में जाति प्रमाण पत्र के नाम पर रिश्वत का खेल बेनकाब, मुरैना तहसील कार्यालय में लोकायुक्त की दबिश,आरआई एक हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार।

MORENA REVENUE INSPECTOR CAUGHT RED HANDED
लोकायुक्त ने मुरैना में आरआई को रंगे हाथों पकड़ा (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 24, 2026 at 7:02 PM IST

2 Min Read
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मुरैना : लोकायुक्त ने मुरैना में भ्रष्ट आरआई को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ है. यहां एसडीएम कार्यालय में रिश्वत का खेल उस समय बेनकाब हो गया, जब ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार दोपहर नई तहसील कार्यालय में दबिश दी. टीम ने एक राजस्व निरीक्षक (आरआई) को एक हजार रु की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया. आरोप है कि जाति प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर एक किसान से उसने दो हजार रु की रिश्वत मांग थी. किसान पहले ही एक हजार रु दे चुका था और बाकी रकम लेते ही लोकायुक्त ने जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया.

किसान से जाति प्रमाण पत्र के लिए मांगी थी रिश्वत

मंगलवार दोपहर को राजस्व अमले में उस समय हड़कंप मच गया, जब शहर की वीआईपी रोड स्थित नई तहसील कार्यालय में लोकायुक्त टीम ने फिल्मी अंदाज में दबिश दी. ग्वालियर से पहुंची लोकायुक्त टीम ने एक राजस्व निरीक्षक (आरआई) को एक हजार रु की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.

रिश्वत की दूसरी किस्त लेते ही लोकायुक्त ने दबोचा (Etv Bharat)

मामला मुरैना के गोपियपुरा गांव के किसान संतोष कुशवाह से जुड़ा है. किसान ने अपने तीन बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन किया था. आवेदन वेरिफिकेशन के लिए आरआई राकेश जैन के पास पहुंचा, लेकिन उसने अनुसंसा करने से इनकार कर दिया.

MORENA RI CAUGHT TAKING BRIBE
मुरैना में जाति प्रमाण पत्र के नाम पर रिश्वत का खेल बेनकाब (Etv Bharat)

रिश्वत की दूसरी किस्त लेते ही लोकायुक्त ने दबोचा

आरोप है कि आरआई ने फाइल आगे बढ़ाने के एवज में किसान से दो हजार रु की मांग की गई. किसान ने 500-500 रुपये दो बार देकर एक हजार रु पहले ही दे दिए, फिर भी दस्तखत नहीं हुए. थक-हारकर किसान ने ग्वालियर स्थित लोकायुक्त एसपी कार्यालय में शिकायत की. शिकायत की पुष्टि के बाद डीएसपी विनोद कुशवाह के नेतृत्व में टीम गठित की गई. मंगलवार को जैसे ही आरआई ने शेष एक हजार रु लिए, तो टीम ने दबे पांव पहुंचकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया.

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कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. डीएसपी विनोद कुशावह ने कहा, ''आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया है.'' इस पूरी कार्रवाई में डीएसपी विनोद कुशवाह, टीआई बलराम राजावत, टीआई अंजली शर्मा, प्रधान आरक्षक देवेंद्र पवैया, हेमंत शर्मा, मनोज कुशवाहा, बलवीर, आरक्षक रवि सिंह,अंकेश,राजेंद्र,राजीव की अहम भूमिका रही.