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मुरैना में नवजात के शरीर का पूरा ब्लड बदला, पूरी रात मेहनत कर डॉक्टर ने बचाई जान

मुरैना जिला अस्पताल में 4 दिन के बच्चे का सीरम बिलीरुबिन स्तर हुआ हाई, मस्तिष्क के लिए था खतरा, डॉक्टर ने किया सफल इलाज.

DOUBLE VOLUME EXCHANGE TRANSFUSION
4 दिन के बच्चे का सीरम बिलीरुबिन स्तर हुआ हाई (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : March 1, 2026 at 6:31 PM IST

2 Min Read
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मुरैना: जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में 1 नवजात का सीरम बिलीरुबिन स्तर 32 एमजी पहुंच गया, जो उसके दिमाग के लिए घातक हो सकता था. इसके बाद परिवार की उम्मीदें टूटने लगी थी, लेकिन शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ अलबेल सिंह गुर्जर ने उपचार शुरू किया और अपने सहयोगियों की मदद से नवजात का सफल इलाज किया. जिसमें नवजात का डबल वॉल्यूम एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन किया गया.

4 दिन के नवजात का सीरम बिलीरुबिन स्तर हाई

मुरैना जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग स्थित एसएनसीयू यूनिट में मात्र 4 दिन के नवजात शिशु का सफल डबल वॉल्यूम एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन किया गया. नवजात का सीरम बिलीरुबिन खतरनाक स्तर 23 एमजी/डीएल पहुंच गया था. उसकी हालत बहुत गंभीर थी. जिससे परिजन को भी चिंता होने लगी थी. लेकिन पूरी रात जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.अलबेल सिंह गुर्जर और उनके सहयोगी मेहनत करते रहे और डबल वॉल्यूम एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन जैसी जटिल और जोखिम भरी चिकित्सीय प्रक्रिया को सफल बनाया.

डॉक्टर ने नवजात का किया डबल वॉल्यूम एक्सचेंज ब्लड ट्रांसफ्यूजन (ETV Bharat)

इलाज पूरा होने पर परिवार ने ली राहत की सांस

मुरैना जिला अस्पताल शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.अलबेल सिंह गुर्जर ने बताया कि "डबल वॉल्यूम एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन नवजातों में अत्यधिक पीलिया की स्थिति में किया जाता है. इसमें उच्च स्तर की दक्षता और सावधानी की आवश्यकता होती है." कड़ी मेहनत, सतर्कता, निगरानी और टीमवर्क के चलते नवजात की हालत में सुधार हुआ. जिसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली.

Newborn Serum bilirubin level high
मुरैना में नवजात के शरीर का बदला पूरा ब्लड (ETV Bharat)

क्या है डबल वॉल्यूम एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन?

जब नवजात शिशु के खून में बिलीरुबिन का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाता है और दवाओं या फोटोथेरेपी से नियंत्रण संभव नहीं होता है, तब यह विशेष प्रक्रिया की जाती है. इसमें बच्चे के शरीर से धीरे-धीरे रक्त निकाला जाता है और उसकी जगह सुरक्षित डोनर का रक्त चढ़ाया जाता है. डबल वॉल्यूम का अर्थ है शिशु के कुल रक्त की मात्रा के लगभग दोगुने रक्त का आदान-प्रदान. इससे शरीर का लगभग पूरा ब्लड एक्सचेंज कर दिया जाता है, जिससे बिलीरुबिन तेजी से कम होता है और मस्तिष्क को होने वाले गंभीर नुकसान से बचाव संभव हो पाता है.