मुरैना में कोचिंग सेंटर संचालकों ने हद कर दी, क्लास में भेड़-बकरी की तरह भरे स्टूडेंट्स
मुरैना में कोचिंग सेंटर्स की जांच का सिलसिला तेज. अधिकांश स्थानों पर क्लास में दोगुने स्टूडेंट्स. सफोकेशन की प्रॉब्लम.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 7, 2026 at 11:10 AM IST
मुरैना : शहर में बिना सुरक्षा मानकों के संचालित कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन ने शिकंजा कसा. जिला शिक्षा अधिकारी और एसडीएम के औचक निरीक्षण में कई कोचिंग सेंटर के बेहद चौंकाने वाले सच सामने आए. निरीक्षण के दौरान कहीं फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं मिले तो कहीं इमरजेंसी एग्जिट. क्लासरूम क्षमता से दोगुने छात्रों से भरे मिले. प्रशासनिक अधिकारियों ने कोचिंग सेंटर संचालकों को तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए.
प्रशासन की मुहिम तीसरे दिन भी चली
मुरैना में कोचिंग संस्थानों की जांच लगातार तीसरे दिन चली. एसडीएम रामनिवास सिंकरवार और जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने जीवाजीगंज क्षेत्र में संचालित आधा दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटर का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में गंभीर खामियां सामने आईं. अधिकांश क्लासरूम में भेड़-बकरी की तरह स्टूडेंट्स भरे मिले. स्टूडेट्स को क्लासरूम में बैठने तक की पर्याप्त जगह नहीं थी.
कहीं नहीं दिखा इमरजेंसी एग्जिट गेट
कई कोचिंग सेंटर में फायर सेफ्टी के कोई इंतजाम नहीं मिले. इमरजेंसी एग्जिट गेट भी नहीं मिले. छात्र-छात्राएं एक ही संकरे रास्ते से अंदर-बाहर आते-जाते दिखाई दिए. कई संस्थानों में लड़के और लड़कियां एक ही शौचालय का उपयोग करते मिले. उमस भरे कमरों में बिना पर्याप्त वेंटिलेशन के पढ़ाई कराई जा रही थी.हालात देखकर एसडीएम ने संचालकों को कड़ी फटकार लगाई और एक सप्ताह के भीतर सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
कोई भी कोचिंग 10 बजे के बाद नहीं चलाएं
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं तो सील कर दिया जाएगा. जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सुबह 10 बजे के बाद किसी भी कोचिंग संस्थान में कक्षा संचालित मिली तो एफआईआर कराएंगे. जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया ने बताया "सभी कोचिंग संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. छात्र कोचिंग के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाते और शैक्षणिक गतिविधियों से वंचित रह जाते हैं. नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा."

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कोचिंग संचालकों को एक सप्ताह का समय
एसडीएम रामनिवास सिंकरवार ने बताया "7 से 8 कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया गया. कुछ संस्थान ट्यूशन की तरह संचालित मिले, जबकि कुछ बड़े कोचिंग सेंटर भी जांच के दायरे में आए. निरीक्षण में सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियां मिलीं. छात्रों के लिए फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट सहित आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं थीं और छोटे कमरों में क्षमता से अधिक छात्र बैठे मिले. सभी संचालकों को एक सप्ताह में व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए हैं."

