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बिहार में ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर 1.19 करोड़ की ठगी, सोशल मीडिया पर विज्ञापन से लुभाया

पटना में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.19 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी. सोशल मीडिया पर विज्ञापन से लुभाया. रिपोर्ट- राजीव रंजन पाठक.

CYBER ​​FRAUD IN PATNA
पटना में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 23, 2026 at 11:38 AM IST

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पटना: राजधानी पटना में ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश में भारी मुनाफे का झांसा देकर पटना के एक शख्स से 1.19 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी का मामला सामने आया है. जगदेवपथ निवासी अब्दुल एजाज अजहर जमील ने इस संबंध में साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायतकर्ता ने मामले में एफआईआर दर्ज कर रकम की रिकवरी के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है.

ट्रेडिंग विज्ञापन से लुभाया: पीड़ित के अनुसार, सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग विज्ञापन दिखाने के बाद कुछ लोगों ने शिकायतकर्ता से व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क किया. आरोप है कि खुद को इन कंपनियों से जुड़ा बताने वाले लोगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने पर बेहतर रिटर्न का भरोसा दिलाया. इसके बाद कई ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराया गया.

कैसे हुई ठगी की शुरुआत: शिकायतकर्ता का आरोप है कि शुरुआत में एप के माध्यम से निवेश की गई रकम में से कुछ पैसे निकालने की अनुमति दी गई. इससे उन्हें संबंधित लोगों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर भरोसा हो गया. इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई. शिकायत के मुताबिक, एक के नाम पर 79 लाख 56 हजार 451 रुपये और दूसरे के नाम पर 39 लाख 96 हजार 593 रुपये ट्रांसफर कराए गए.

ठगों ने निकासी पर लगाई रोक: इस तरह कुल 1 करोड़ 19 लाख 53 हजार 44 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करने का दावा शिकायतकर्ता ने किया है. आरोप है कि रकम निवेश करने के बाद संबंधित ट्रेडिंग एप पर भारी मुनाफा दिखाया गया. जब शिकायतकर्ता ने अपनी रकम और कथित मुनाफे की राशि निकालने की कोशिश की, तो निकासी पर रोक लगा दी गई. इसके बाद कथित मुनाफे की राशि निकालने के लिए 20 प्रतिशत भुगतान करने की शर्त रखी गई.

बड़े विदेशी वेल्थ मैनेजमेंट फर्म्स से होने का दावा: शिकायतकर्ता ने पुलिस को उन लोगों के मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियां भी उपलब्ध कराई हैं, जो कथित तौर पर सबसे बड़े विदेशी वेल्थ मैनेजमेंट फर्म्स और वित्तीय ट्रेडिंग से जुड़ी सेवाएं देने वाली कंपनी से जुड़े होने का दावा कर रहे थे. इनमें कुणाल, सोनल, गुल और अनन्या समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं.

"पुलिस से सभी लाभार्थी बैंक खातों की केवाईसी, बैंक ट्रांजेक्शन, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराने की मांग है. साथ ही जिन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है, उनमें उपलब्ध राशि को तत्काल फ्रीज कराने का अनुरोध है."-अब्दुल एजाज अजहर जमील, पीड़ित

क्या कहती है पुलिस?: साइबर थाना प्रभारी सह डीएसपी संगीता कुमारी ने बताया कि मामले की शिकायत सामने आई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच के दौरान बैंक खातों, लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है.

"शिकायतकर्ता का आरोप है कि शुरुआत में एप के माध्यम से निवेश की गई रकम में से कुछ पैसे निकालने की अनुमति दी गई, बाद में निकासी पर रोक लगा दी गई. फिलहाल सभी बैंक खातों की जांच की जा रही है."- संगीता कुमारी, साइबर थाना प्रभारी सह डीएसपी

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