नैनीताल के इन इलाकों में भूस्खलन का खतरा, पौड़ी में 35 सड़कें बंद, लोनिवि परिसर में गिरा पेड़
नैनीताल के सात नंबर और सिल्वर्टन क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा, पौड़ी में भारी बारिश से 35 से ज्यादा सड़कें बंद

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : July 9, 2026 at 4:50 PM IST
नैनीताल/पौड़ी: उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है. इसके साथ ही पहाड़ों में भूधंसाव और भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं. नैनीताल में लगातार 8 घंटे तक हुई भारी बारिश के बाद सात नंबर क्षेत्र, आल्मा कॉटेज और जिला पंचायत रोड पर भूधंसाव से हालात चिंताजनक हो गए हैं. जिसका प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया.
प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने और तत्काल राहत एवं सुरक्षा कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. इधर, पौड़ी जिले में देर रात से लगातार हो रही भारी बारिश का असर जनजीवन पर पड़ने लगा है. जिले में भूस्खलन और मलबा आने के कारण 35 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं. संबंधित विभागों की ओर से सभी बंद मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है.
नैनीताल के सात नंबर और सिल्वर्टन क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा: लगातार बारिश के बाद नैनीताल के सात नंबर स्थित आल्मा कॉटेज क्षेत्र में एक बार फिर भूधंसाव शुरू हो गया है. पिछले साल से ही यहां सड़क और पहाड़ी में दरारें पड़ रही थीं, लेकिन स्थायी सुरक्षा कार्य नहीं होने से इस मानसून में हालात और बिगड़ गए.
अब पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसकने से मलबा नीचे नाले में जा गिरा, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है. बताया जा रहा है कि सड़क के ऊपर बने पांच और नीचे स्थित सात परिवारों के मकान खतरे की जद में हैं. हालात का जायजा लेने एसडीएम नवाजिश खालिक ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया.

उन्होंने विभागों को तत्काल बचाव कार्य शुरू करने, प्रभावित सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोकने और जोखिम वाले भवनों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए है. वहीं, पहाड़ों में लगातार हो रही तेज बारिश के बाद नैनीताल कैंची धाम मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन जैसी समस्या देखने को मिल रही है.
पहाड़ों से बड़े पत्थर और पेड़ लगातार सड़कों पर गिर रहे हैं. जिससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. सुबह से कैंची धाम मार्ग पर दो स्थानों पर मलबा सड़क पर गिरने से यातायात घंटे तक बाधित रहा. इसके बाद लोक निर्माण विभाग और नेशनल हाईवे अथॉरिटी की जेसीबी की ओर से सड़क से मलबा हटाकर यातायात सुचारू करवाया गया है.

पौड़ी में भारी बारिश से 35 से ज्यादा सड़कें बाधित, लोनिवि परिसर में गिरा पेड़: पौड़ी जिले में बुधवार देर रात से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है. बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर मलबा और बोल्डर आने से यातायात बाधित हो गया है. पौड़ी-कोटद्वार मोटर मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान कई स्थानों पर भारी मलबा आने से मार्ग बंद हो गया है.
वहीं, ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर फरासू के पास भूस्खलन होने से हाईवे पर यातायात ठप हो गया है. लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां बंद पड़े मार्गों को खोलने में जुटी हुई हैं. प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही पूरी सावधानी के साथ आवाजाही करें.

भारी बारिश के चलते लोक निर्माण विभाग पौड़ी प्रांतीय खंड परिसर में एक बड़ा पेड़ अचानक टूटकर गिर गया. गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई. पेड़ परिसर में स्थित एक पुराने भवन पर गिरा, जिससे भवन को नुकसान पहुंचा.
"पेड़ गिरने की सूचना वन विभाग और जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को दे दी गई है. जिले में बंद पड़ी 35 से ज्यादा सड़कों को खोलने के लिए विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं. सभी संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं, जो मलबा हटाकर यातायात बहाल करने में जुटी हैं."- विवेक प्रसाद सेमवाल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, पौड़ी
वहीं, पौड़ी जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए जिले के सभी उपजिलाधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं. जिले में भारी बारिश से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है. इसके लिए राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का सर्वे कर रही हैं और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है.

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में ज्यादा नुकसान हुआ है, वहां जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. चारधाम यात्रा मार्ग पर आवागमन करने वाले श्रद्धालुओं से मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए सावधानीपूर्वक यात्रा करने की अपील की जा रही है.
डीएम भदौरिया ने कहा कि यदि पुलिस और प्रशासन सुरक्षा कारणों से यात्रियों को किसी स्थान पर रोकते हैं, तो यात्री प्रशासन का सहयोग करें. मार्ग सुरक्षित और सुचारु होते ही वाहनों की आवाजाही की अनुमति दे दी जाएगी. श्रीनगर के पास कुछ स्थानों को अस्थायी पार्किंग के रूप में चिन्हित किया गया है, जहां आवश्यकता पड़ने पर वाहनों को रोका जाएगा.
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