रास्ता खोलो अभियान: जयपुर में 15 माह में खुलवाए 1700 से ज्यादा रास्ते, फागी अव्वल
रास्ता खोलो अभियान में सहमति और समझाइश से गांव, खेत और ढाणियों के वर्षों से अवरुद्ध रास्तों को खोला जा रहा है.

Published : February 22, 2026 at 3:44 PM IST
जयपुर: जिले में रास्ता खोलो अभियान ने मात्र 15 महीनों में गांवों में 1700 से ज्यादा बंद रास्ते खोलकर बड़ा बदलाव किया. इससे लाखों ग्रामीणों की खेत, ढाणी और गांव तक पहुंच आसान हो गई. अभियान में फागी तहसील अव्वल रही, जहां सर्वाधिक 148 रास्ते खुलवाए गए. वहीं मौजमाबाद तहसील में 132 रास्ते खुलवाकर ग्रामीणों को राहत दी गई.
रास्ता खोलो अभियान के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर आशीष कुमार ने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी खुद अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. कई वर्ष पुराने विवादों का समाधान सहमति एवं समझाइश से किया गया. अभियान केवल मार्ग खोलने तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को सुगम बनाने का सशक्त जरिया बन गया. 15 नवम्बर 2024 से 21 फरवरी 2026 की अवधि में अभियान के तहत जयपुर में कुल 1 हजार 703 रास्ते खुलवाए गए. हर तहसील में हर सप्ताह न्यूनतम 3 रास्ते खुलवाने का लक्ष्य तय किया. इसके तहत सहमति और समझाइश से गांव, खेत और ढाणियों के वर्षों से अवरुद्ध रास्तों को खोला जा रहा है.

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एडीएम आशीष कुमार ने बताया कि अभियान के तहत फागी तहसील में सर्वाधिक 148 रास्ते खुलवाए गए. मौजमाबाद में 132, आंधी में 119, चौमूं में 103, शाहपुरा में 100, फुलेरा एवं चाकसू में 91-91, जमवारामगढ़ में 90, आमेर एवं दूदू में 89-89, रामपुरा डाबड़ी में 85, माधोराजपुरा में 83, बस्सी में 81, जोबनेर में 79, किशनगढ़ में 75, कोटखावदा में 72, जालसू में 70, तुंगा में 57, सांगानेर में 34, कालवाड़ में 10 तथा जयपुर तहसील में 5 रास्ते खुलवाए गए.

इससे जिले में वर्षों से अवरुद्ध आवागमन मार्ग पुनः सुचारु हुए. रास्ते खुलने से किसानों को खेतों तक मशीनरी और उपज पहुंचाने में सुविधा मिली. आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर हुई.विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाने में अब लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ता.
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