राष्ट्रीय लोक अदालत में एक लाख 66 हजार से ज्यादा मामलों का निपटारा, 1420.28 करोड़ का मिला राजस्व
दिल्ली में 13 दिसंबर 2025 से लंबित चल रहे लोक अदालत का आयोजन, एक लाख 32 हजार से ज्यादा ट्रैफिक चालान का हुआ निपटारा

Published : January 11, 2026 at 12:09 PM IST
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में दिसंबर महिने से लंबित राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ. पहले इस राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर को होना था जो नहीं हो सका था. इस राष्ट्रीय लोक अदालत के देर रात प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कुल एक लाख 66 हजार 232 मामलों का निपटारा किया गया. साथ ही 1420.28 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ.
न्यायमूर्ति वी.कामेश्वर राव ने किया संवाद : राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं डीएसएलएसए के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव ने डीएसएलएसए के सदस्य सचिव राजीव बंसल, डीएसएलएसए की विशेष सचिव तन्वी खुराना, डीएसएलएसए की अतिरिक्त सचिव अभिनव पांडेय और अन्य जिला जजों के साथ तीस हज़ारी न्यायालय परिसर का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा पीठासीन अधिकारियों एवं सहयोगी सदस्यों से संवाद किया.

विभिन्न न्यायालयों एवं सुविधाओं का किया निरीक्षण : साथ ही दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने लोक अदालत में सहयोगी सदस्य के रूप में निष्ठापूर्वक सेवाएं प्रदान कर रहे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, एसिड अटैक पीड़ितों एवं वरिष्ठ नागरिकों की विशेष रूप से सराहना की. यह पहल विधिक व्यवस्था में हाशिये पर रहने वाले समुदायों के सशक्तिकरण एवं समावेशन के प्रति डीएसएलएसए की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. न्यायमूर्ति ने विभिन्न न्यायालयों एवं सुविधाओं का भी निरीक्षण किया.

एक लाख 32 हजार ट्रैफिक चालान का निपटारा : राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटाए गए कुल 1,66,232 मामलों में से एक लाख 32 हजार 273 मामले ट्रैफिक चालान के रहे, जिनका निपटारा हुआ. इनके निपटारे से एक करोड़ 45 लाख रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ. इसके साथ ही लोक अदालत में कई वर्षों से लबित एम.ए.सी.टी. वाद संख्या 383/2024 कविता कुमारी बनाम मुकेश कुमार मीना एवं अन्य का निपटारा शाहदरा जिला न्यायालय परिसर, कड़कड़डूमा में 65 लाख की राशि पर किया गया. वहीं, दक्षिण पश्चिम जिले में वर्ष 2016 से संबंधित एक सबसे पुराना मामला, जिसका एम.ए.सी.टी. वाद संख्या 216/2016 महेंद्र सिंह बनाम सुधीर ठाकुर का भी द्वारका कोर्ट में सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटारा किया गया. जिला न्यायालयों में, कुल 1,64,851 मामले निपटाए गए और निपटान राशि 274.61 करोड़ रुपये प्राप्त की गई.
हाईकोर्ट में लोक अदालत पीठ का गठन :साथ ही दिल्ली उच्च न्यायालय में भी लोक अदालत पीठ का गठन किया गया, जहां 34 मामलों का निपटारा लगभग 6.56 करोड़ की समझौता राशि पर किया गया. जिला उपभोक्ता मंचों में भी लोक अदालत की पीठों का गठन किया गया, जहां 262 मामलों का निपटारा 16.94 करोड़ की समझौता राशि पर किया गया.
ऋण वसूली न्यायाधिकरण में भी हुआ मामलों का निपटारा : ऋण वसूली न्यायाधिकरणों में भी लोक अदालत की पीठों का गठन किया गया, जहाँ 117 मामलों का निपटारा लगभग 1118 करोड़ की समझौता राशि पर किया गया. विद्युत मामलों के लिए स्थायी लोक अदालत में भी लोक अदालत पीठ का गठन किया गया, जहां 968 मामलों का निपटारा 4.16 करोड़ की समझौता राशि पर किया गया.
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