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महुआ बॉडी लोशन से एंटी एजिंग क्रीम, उज्जैन में सजा आदिवासी प्रोडक्ट का मंच, फ्री कंसल्टेंट

उज्जैन में मोहन यादव ने किया विंध्य हर्बल मेले का शुभारंभ, मेले में दिखा कई प्रकार की जड़ी-बूटियों का भंडार, सेकड़ों लोग पहुंचे देखने.

Vindhya Herbal Fair ujjain
उज्जैन में पहली बार लगा विंध्य हर्बल मेला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 12, 2026 at 9:42 AM IST

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Updated : February 12, 2026 at 10:18 AM IST

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उज्जैन: 11 फरवरी से दशहरा मैदान में 6 दिवसीय विंध्य हर्बल मेला शुरु हो गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मेले का शुभारंभ किया. जहां देश के कई राज्यों के हर्बल उत्पाद, आयुर्वेदिक औषधीय, वनोपज पर आधारित हस्तशिल्प कलाकृतियां शामिल हुई. खास कर मध्य प्रदेश में मिलने वाली जड़ी बूटियां इस मेले में खरीदी व देखी जा सकती हैं.

मेले में महुए का बॉडी लोशन, एंटी एजिंग क्रीम, बच्चों के लिए ग्रोविट, महुए का च्वयनप्राश, शिलाजीत व अन्य कई खास आइटम है जो कि लैब टेस्टेड और सरकारी ब्रांड होने से खास पहचान रख रहे हैं. कार्यक्रम की थीम 'समृद्ध वन, खुशहाल जन' है और नाम श्री महाकाल वन मेला 2026 है. 16 फरवरी तक ये मेला उज्जैन में आयोजित किया जाएगा. भोपाल के बाद उज्जैन मध्य प्रदेश का दूसरा शहर है जहां वन मेले की शुरुआत की गई है.

उज्जैन में सजा आदिवासी प्रोडक्ट का मंच (ETV Bharat)

क्या कुछ खास मेले में?
मेले में दोना-पत्तल निर्माण, शहद, लाख, कोदो-कुटकी, सबई रस्सी जैसे उत्पादों का जीवंत प्रदर्शन हो रहा है. मेले में महुआ फूल, महुआ गुल्ली, साल बीज, अचार गुठली, आंवला, जामुन, बेल फल एवं चकोंडा बीज जैसे प्रमुख उत्पाद शामिल हैं. फूड जोन में बांधवगढ़ के गोंडी व्यंजन, छिंदवाड़ा की वन भोज रसोई और अलीराजपुर का पारंपरिक दाल-पानिया के स्टॉल लगाए गए हैं. 76 स्टॉल प्राथमिक लघु वनोपज समितियों और वन धन केंद्रों के हैं. 76 स्टॉल निजी क्षेत्र के उद्यमियों के हैं. 16 स्टॉल अलग अलग शासकीय विभागों की प्रदर्शनी के लिए हैं.

16 स्टॉल वन आधारित फूड जोन के हैं और 50 स्टॉल निःशुल्क आयुर्वेदिक ओपीडी के लिए समर्पित किए गए हैं. इन स्टॉल में 50 आयुर्वेदिक डॉक्टर और 100 पारंपरिक वैद्य निशुल्क सेवाएं दे रहे हैं. साथ ही महाकाल वन मेले में अकाष्ठीय वनोपज, ग्रामीण आजीविका, हर्बल उद्यमिता, संरक्षण, प्रसंस्करण और विपणन सब एक ही मंच पर दिखाई दे रहे हैं.

Ayurvedic doctors free consultation
मोहन यादव ने प्रोडक्ट्स देखे (ETV Bharat)

250 भव्य और आकर्षक स्टॉल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेले का निरीक्षण कर मेले में पहुंचे लगभग 250 भव्य और आकर्षक स्टॉल के व्यापारियों से मुलाकात की है. उन्होंने कहा, ''हमारे आदिवासियों भाइयों को वन मेले के माध्यम से वन उत्पाद विक्रय करने का प्लेटफार्म भी मिल रहा है. वन मेला जनजातीय समाज के परिश्रम, परंपरागत ज्ञान और आधुनिक बाजार के बीच सेतु बनकर हमारे प्रदेश की पहचान को और सुदृढ़ करता है.'' मुख्यमंत्री ने कहा, ''वन मेले से वन उत्पादों के बारे में जागरूकता बढ़ेगी और हमारे मेहनती और लगनशील आदिवासी भाइयों का आर्थिक सशक्तिकरण भी होगा.''

मुख्यमंत्री ने कहा-अद्भुत संयोग
उज्जैन में लगने वाले मेले को मुख्यमंत्री ने अद्भुत संयोग बताया. उन्होंने कहा कि, ''जहां भगवान श्री महाकाल स्वयं आरोग्य, कल्याण और मोक्ष के अधिपति हैं, वहीं आज वन संपदा के माध्यम से आरोग्य का यहां भव्य उत्सव आयोजित हो रहा है.'' मुख्यमंत्री ने कहा, ''सनातन संस्कृति में वन कभी केवल लकड़ी, ईंधन या संसाधन नहीं रहे बल्कि स्वास्थ्य और संस्कृति के मूल आधार रहे हैं.

वन औषधि हमारे प्राचीन आयुर्वेद और ज्ञान से समृद्ध परंपरा है. श्री महाकाल वन मेला हमारे प्राकृतिक जीवन दर्शन का विस्तार है. यह वन मेला आरोग्य का भव्य उत्सव है. हमारे वन केवल हरियाली ही नहीं बल्कि जीवन को निरोग बनाने वाली दिव्य औषधियों का भंडार है. मेले में महुआ से बने हुए विभिन्न उच्च गुणवत्ता के उत्पाद भी उपलब्ध है.

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मोहन यादव ने किया मेले का निरीक्षण (ETV Bharat)

मुख्यमंत्री ने सुनाया रामायण का प्रसंग
मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने कहा, ''रामायण का वह प्रसंग, जब युद्ध भूमि में लक्ष्मण जी मूर्छित हुए और हिमालय के वनों में पाई जाने वाली संजीवनी बूटी ने उन्हें पुनः जीवन प्रदान किया. यह केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि प्राचीन भारत में वन औषधियों का गहन, वैज्ञानिक और व्यवहारिक ज्ञान था.''

उन्होंने कहा कि, ''आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि से लेकर महर्षि चरक और सुश्रुत तक, हमारे वैद्यों ने वनों में उपलब्ध जड़ी-बूटियों से चिकित्सा पद्धतियां विकसित कीं, जिनकी प्रासंगिकता आज भी विश्व स्वीकार कर रहा है. च्यवन ऋषि का च्यवनप्राश हो या अश्वगंधा, आँवला, हर्रा-बहेरा जैसी औषधियां वन की देन हैं, जिन्होंने भारत को आरोग्य की भूमि बनाया हमारे वन प्राकृतिक औषधालय हैं. नीम, गिलोय, अश्वगंधा, अर्जुन, आंवला, हर्रा, बहेड़ा इन सबमें वह शक्ति है, जो मनुष्य को बीमार ही न होने दें.''

Mahua body lotion ujjain Fair
महुये का बॉडी लोशन रहा खास (ETV Bharat)

कोरोनो काल में आयुर्वेद और आयुष ने बचाया जीवन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, ''कोरोना के कठिन समय में दुनिया ने देखा कि आयुर्वेद और आयुष ने कैसे जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. औषधीय गुणों से भरपूर हमारा काढ़ा दुनिया की महंगी से महंगी दवाइयों पर भारी पड़ा.'' मुझे यह कहते हुए गर्व है कि, ''आज वैश्विक समुदाय भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की ओर आशा और विश्वास से देख रहा है. इस दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुष को नई पहचान और वैश्विक मंच मिला है. यह हमारे लिए गर्व की बात है कि वन और वनोपज जैसे विषय, जो कभी सीमित दायरे में माने जाते थे, आज वैश्विक संवाद का केंद्र बन रहे हैं.''

CM inaugurated development works
सीएम ने किया विकास कार्यों का शुभारंभ (ETV Bharat)

सीएम ने किया विकास कार्यों का शुभारंभ
मध्य प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को उज्जैन दौरे पर रहे. मुख्यमंत्री मुख्य रूप से आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 1133.67 करोड़ के गांव हरियाखेडी में भूमिपूजन एवं लोकार्पण करने पहुंचे थे. जिसके बाद मुख्यमंत्री ने शहर के कालिदास अकादमी परिसर में प्रोजेक्ट संवर्धन का शुभारंभ किया, नगर निगम, स्मार्ट सिटी और स्वास्थ विभाग के अलग अलग निर्माण कार्यो का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया. जिसमें डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाली 16 गाड़ियों व अन्य 5 वाहनों को हरी झंडी दिखाना भी शामिल है. मुख्यमंत्री ने बच्चों को लेपटॉप दिए व उनका सम्मान, सफाई मित्रों को वायरलेस सेट दिए और उनका भी सम्मान किया.

Last Updated : February 12, 2026 at 10:18 AM IST