मध्य प्रदेश में अंगदान को मिल रही रफ्तार, रतलाम में 3 महीनों में 5 देहदान और 100 से अधिक नेत्रदान
मध्य प्रदेश के छोटे शहरों में अंगदान करने आगे आ रहे लोग, गार्ड ऑफ ऑनर से बढ़ी जागरुकता, रतलाम में 5 देहदान और 100 नेत्रदान.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 11, 2026 at 1:34 PM IST
|Updated : January 11, 2026 at 1:39 PM IST
रतलाम: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक फैसले से मध्य प्रदेश के छोटे शहरों में देहदान और नेत्रदान की संख्या बढ़ने लगी है. जी हां मध्य प्रदेश में देहदानियों को मिल रहे गार्ड ऑफ ऑनर से लोगों में देहदान और नेत्रदान के प्रति जागरूकता आ रही है. बीते वर्ष सितंबर माह में रतलाम शहर के पहले देहदान के बाद मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए गार्ड ऑफ ऑनर और परिजनों के सम्मान कार्यक्रम के बाद रतलाम में अब तक पांच देहदान और 100 से अधिक नेत्रदान संपन्न हो चुके हैं. वहीं, छोटे शहरों के लोगों में भी देहदान, नेत्रदान और अंगदान के प्रति जागरूकता आई है और रजिस्ट्रेशन में भी वृद्धि हुई है.
3 महीने में 6 देहदान और 127 नेत्रदान हुए संपन्न
रतलाम, मंदसौर और नीमच के शासकीय मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों के लिए मृत मानव शरीरों की आवश्यकता रहती है. वहीं, आंखों की रोशनी खो चुके लोगों के लिए नेत्रदान की भी आवश्यकता होती है. बीते कुछ महीनों में देहदान, अंगदान और नेत्रदान को लेकर जागरूकता बढ़ी है. सामाजिक कार्यकर्ता गोविंदा काकानी ने बताया कि, ''मध्य प्रदेश की मोहन सरकार द्वारा देहदानियों को गार्ड ऑफ द ओनर देने के फैसले से समाज में लोगों को देहदान और अंगदान के प्रति प्रोत्साहन मिला है.''
अंगदान करने वालों को मिला सम्मान
जावरा निवासी 88 वर्षीय स्वर्गीय कनकमल कांठेड़ को जिले के पहले और स्वर्गीय सुशीला दिवेकर को रतलाम शहर की पहली देहदानी होने का सम्मान प्राप्त हो चुका है. इसके बाद जावरा से ही स्वर्गीय श्रेणीक रूनवाल का निधन होने पर उनका पार्थिव देह मंदसौर मेडिकल कॉलेज को दान किया गया है. वहीं, रतलाम में भी स्वर्गीय ओमप्रकाश सोलंकी एवं 2 दिन पहले कृष्णपाल छप्री का निधन होने पर उनके परिजनों ने रतलाम मेडिकल कॉलेज को उनका पार्थिव देह दान किया है.

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अंगदान के प्रति लोगों में बढ़ी जागरूकता
रतलाम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा ने बताया कि, ''लोगों में अब देहदान और नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है. इसी का नतीजा है कि बीते 3 महीनों में रतलाम मेडिकल कॉलेज में 100 से अधिक नेत्रदान संपन्न हुए हैं.'' सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद काकानी के अनुसार, ''नेत्रदान को लेकर यहां के जैन समाज, नेत्रम संस्था, गीताभवन ट्रस्ट, बड़नगर और काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन संहिता मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है. जिसका नतीजा यह है कि हर दूसरे तीसरे दिन एक नेत्रदान हो रहा है.''
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अंगदान करने वाले और देहदान करने वाले दानियों को गॉड ऑफ ऑनर दिया जा रहा है और उनके परिजनों को भी सम्मानित किया जा रहा है. जिससे अंगदान और देहदान के प्रति छोटे शहर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता आ रही है.

