मध्य प्रदेश वन विभाग में ट्रांसफर, कान्हा, बांधवगढ़, पेंच के अधिकारियों का तबादला
मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार की प्रशासनिक सर्जरी. वन विभाग के 28 अधिकारियों का ट्रांसफर लिस्ट, देखें कौन कहां पहुंचा.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 1:28 PM IST
|Updated : January 8, 2026 at 2:09 PM IST
भोपाल: भारतीय वन सेवा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है. भारतीय वन सेवा के 28 अधिकारी इस तबादला आदेश के बाद इधर से उधर हुए हैं. इसमें खास तौर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक विभाष कुमार ठाकुर को प्रधान मुख्य संरक्षक अनुसंधान व विस्तार में नई पदस्थापना दी गई है. इनके अलावा अभी तक सीधी के संजय टाइगर रिजर्व में संचालक रहे अमित कुमार दुबे को वहां से हटाकर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक संरक्षण वन मुख्यालय भोपाल में पदस्थ किया गया है. बताया जा रहा है कि जंगलों की कटाई, टाइगर रिजर्व में लगातार हो रही बाघों और तेंदुओं की मौत की घटनाओं को देखते हुए ये तबादले किए गए हैं.
भारतीय वन सेवा में तबादले, कौन कहां पहुंचा
भारतीय वन सेवा के 28 अधिकारियों के जो तबादला आदेश जारी हुए हैं. उसमें प्रफुल्लनीरज गुलाब राव फुलझेले को मुख्य वन संरक्षक मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम भोपाल में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है. वे फिलहाल मुख्य वन संरक्षक मध्य प्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ भोपाल प्रतिनियुक्ति पर थे. मस्तराम बघेल जो मुख्य वन संरक्षक उज्जैन वृत्त थे, उन्हें मुख्य वन संरक्षक जबलपुर वृत्त की वर्तमान पदस्थापना दी गई है.

इसी तरह से कमल अरोरा जो कि वन संरक्षक जबलपुर थे, उन्हें वन संरक्षक छिंदवाड़ा की नवीन पदस्थापना में भेजा गया है. जबकि मधुव्ही राज वन संरक्षक छिंदवाड़ा को वन संरक्षक बैतूल की नवीन पदस्थापना दी गई है. बासु कन्नोजिया वन संरक्षक बैतूल से वन संरक्षक खंडवा पदस्थापित की गई हैं.
नर्मदापुरम में सागौन और साल के पेड़ों की कटाई पर भी एक्शन
राज्य वन सेवा के 20 अफसरों के भी तबादले किए गए हैं. नर्मदापुरम में सागौन और साल के जो पेड़ कटे थे. ये मामला विधानसभा में गर्माया था. इस मामले की जांच भी की जा रही है. इसके बाद मजयं गुर्जर नर्मदापुरम वन मण्डलाधिकारी को नर्मदापुरम से हटा कर, अब उप वन संरक्षक प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एवं वन प्रमुख भोपाल में नई नियुक्ति दी गई है.

पर्यावरण विद और आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे का कहना है कि "वन विभाग में तबादलों में अवैध कटाई पर नर्मदापुरम डीएफओ को हटाना सही कदम है, लेकिन कई टाइगर रिजर्व में विवादित और वन्य प्राणी प्रबंधन में अनुभवहीन अफसरों की पदस्थापना गलत है."
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2025 में हुई सबसे ज्यादा बाघों की मौत
मध्य प्रदेश में 2025 में सबसे ज्यादा बाघों की मौत हुई है. लगातार हो रही बाघों की मौतों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी अपनी नाराजगी जता चुके हैं. इसके बाद वन मुख्यालय ने प्रदेश भर के नेशनल पार्क में अभियान शुरू किया है. इसमें बिजली के तार बिछाने वालों पर सख्ती के लिए कार्रवाई शुरू की गई है. सभी टाइगर रिजर्व के आसपास के गांवों में चैकिंग अभियान किया जा रहा है.
इसके अलावा जंगलों में गश्ती बढ़ाई गई है, ताकि वन्य प्राणियों के शिकार को रोका जा सके. प्रदेश में 2025 में 54 बाघों की मौत हुई है. इसमें 8 बाघों की मौत करंट लगने से हुई है. जबकि 5 बाघों को स्किल सीजर हुआ है. जबकि एक बाघ का शिकार हुआ है. बांधवगढ़, कान्हा टाइगर रिजर्व में सबसे ज्यादा बाघों की मौत हुई है.

