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मध्य प्रदेश में बढ़ गई शिक्षकों की सैलरी, मोहन यादव सरकार ने दिया नए साल का गिफ्ट

मध्य प्रदेश के सरकारी शिक्षकों के लिए खुशखबरी, 3 से 5 हजार रुपए बढ़कर मिलेगी सैलरी, मोहन यादव ने किया ऐलान.

MP TEACHERS SALARY HIKE
मध्य प्रदेश में बढ़ गई शिक्षकों की सैलरी (Getty Image)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 7, 2026 at 2:33 PM IST

4 Min Read
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भोपाल: मध्य प्रदेश के करीब सवा से डेढ़ लाख सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. पिछले 3 वर्षों से जिस चतुर्थ समयमान-क्रमोन्नत वेतनमान (Fourth time-scale-based promotional pay scale) का इंतजार किया जा रहा था, उस पर अब स्कूल शिक्षा विभाग ने अंतिम तैयारी पूरी कर ली है. 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को इसका लाभ देने के लिए 300 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट में रखा जाएगा. मंजूरी मिलते ही शिक्षकों की सैलरी में हर माह 3 से 5 हजार रुपए की बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी.

प्रक्रिया पूरी, सवा लाख शिक्षकों को मिलेगा लाभ

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद प्रदेश में सरकारी शिक्षकों के लिए चतुर्थ समयमान-क्रमोन्नत वेतनमान का रास्ता साफ हो गया है. शिक्षा विभाग ने 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को यह लाभ देने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है. विभाग के अनुसार इस योजना से प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक शिक्षकों के साथ-साथ व्याख्याता, प्राचार्य, प्रधानाध्यापक और सहायक संचालक स्तर तक के करीब सवा लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे. वहीं इस पर सरकार को करीब 312 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा.

MP GOVT TEACHERS SALARY INCREASED
लोक शिक्षण संचालनालय (ETV Bharat)

सीएम ने किया था चतुर्थ समयमान का ऐलान

चतुर्थ समयमान देने की घोषणा सबसे पहले वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी. घोषणा के तहत सभी विभागों में 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके लोक सेवकों को यह लाभ दिया जाना था. कई विभागों में प्रक्रिया आगे बढ़ी और स्कूल शिक्षा विभाग में भी सीधी भर्ती के व्याख्याता और प्राचार्यों को यह सुविधा मिल गई, लेकिन पदोन्नति से आए शिक्षकों, व्याख्याताओं, प्राचार्यों और अन्य अधिकारियों को इससे वंचित रखा गया. इसी वर्ग में करीब सवा लाख शिक्षक आते हैं, जो अब तक इस लाभ का इंतजार कर रहे थे.

कैबिनेट में जल्द आएगा प्रस्ताव

स्कूल शिक्षा विभाग में 35 साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारी लंबे समय से चतुर्थ समयमान देने की मांग कर रहे थे. इसको लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी शिक्षक संघों की कई बार मुलाकात हुई. आखिरकार 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर सीएम ने बचे हुए लोगों को चतुर्थ समयमान देने की घोषणा की थी, लेकिन 5 महीने बाद भी अब तक इस पर कोई अमल नहीं हुआ. हालांकि हाल में स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ हुई शिक्षक संगठनों की बैठक में मंत्री ने बताया कि इसे कैबिनेट की बैठक में लेकर जाएंगे. कैबिनेट में प्रस्ताव पास होने के बाद शिक्षकों को इसका लाभ मिलने लगेगा.

हर माह 3 से 5 हजार रुपए का नुकसान

मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौर ने बताया कि "मुख्यमंत्री ने 5 महीने पहले चतुर्थ समयमान की घोषणा की थी, लेकिन विभाग के अधिकारी आज तक इस प्रक्रिया को पूरी नहीं कर सके. हमारी मांग है कि इसे विभाग द्वारा तुरंत लागू किया जाए. राठौर ने बताया कि चतुर्थ समयमान लागू होने से शिक्षकों को हर माह 3 से 5 हजार रुपए का सीधा लाभ मिलेगा. अब तक इस सुविधा के अभाव में उन्हें मासिक नुकसान उठाना पड़ रहा था."

विभाग पर 312 करोड़ रुपए अतिरिक्त भार

स्कूल शिक्षा विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी कमल सिंह सोलंकी ने बताया कि "शिक्षकों को चतुर्थ समयमान-क्रमोन्नत वेतनमान देने की तैयारी पूरी कर ली गई है. इसका प्रस्ताव बनाकर कैबिनेट में चर्चा के लिए भेजा गया है. यहां से अनुमति मिलते ही चतुर्थ समयमान के आदेश जारी कर दिए जाएंगे और पात्र शिक्षकों को इसका लाभ मिलने लगेगा. सोलंकी ने बताया कि इस प्रक्रिया में स्कूल शिक्षा विभाग पर करीब 312 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा."