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खुशखबरी! NH-22 बनेगा फोर-लेन, ₹3,590 करोड़ खर्च होंगे.. मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा तक सफर होगा आसान

मोदी सरकार ने बिहार को बड़ी सौगात दी है. मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी हाईवे को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिली है. सीएम ने आभार जताया है. पढ़ें..

Samrat Choudhary
पीएम मोदी के साथ सीएम सम्राट चौधरी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 19, 2026 at 7:05 PM IST

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पटना: आज केंद्रीय कैबिनेट ने ₹3,590.73 करोड़ की लागत से NH-22 के 82.578 किमी लंबे मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को 4-लेन में बदलने की मंजूरी दी है. भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा को मुजफ्फरपुर जैसे आर्थिक केंद्रों से जोड़ने वाला यह कॉरिडोर भिट्ठामोड़ लैंड पोर्ट के जरिए सीमा-पार यात्रा और माल परिवहन को गति देगा. साथ ही, माता सीता के जानकी पुनौरा धाम (सीतामढ़ी) और बौद्ध सर्किट तक पहुंच आसान बनाएगा.

मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी हाईवे को मंजूरी: यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युइटी पर तैयार किया जाएगी. एनएच-22 का यह हिस्सा सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा को मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्र से जोड़ा जाएगा. इससे नेपाल सीमा तक बेहतर कनेक्टिविटी होगी. फोरलेन बनने से आसपास के कई शहरों को सीधा लाभ मिलेगा.

82 KM निर्माण, ₹3,590 करोड़ खर्च : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति द्वारा बिहार में मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड के फोर लेन मानक में उन्नत करने की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है. सीएम ने कहा कि ''3,590.73 करोड़ रुपये की लागत से 82.578 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग का फोर लेन उन्नयन उत्तर बिहार के विकास को नई गति प्रदान करेगा.''

कई शहरों को मिलेगा फायदा: हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत बनने वाली इस परियोजना से मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनबरसा क्षेत्र के लोगों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र में कृषि उत्पादों के परिवहन, व्यापार एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही रोजगार एवं आर्थिक अवसरों का विस्तार होगा. बेहतर सड़क संपर्क से उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी. सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को भी गति मिलेगी.

मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा तक का सफर : प्रस्तावित परियोजना बिहार के विस्तारित राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ एकीकरण के कारण महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक महत्‍व रखती है. यह एक प्रमुख फीडर कॉरिडोर के रूप में सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा को एनएच-27 (पूर्व-पश्चिम गलियारा) पर स्थित मुजफ्फरपुर जैसे आर्थिक केंद्रों से जोड़ेगा.

Muzaffarpur Sitamarhi Highway
केंद्र सरकार ने दी बड़ी सौगात (ETV Bharat)

यातायात की भीड़ को कम करने में मदद : परियोजना से मुजफ्फरपुर, मुक्सुदपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, दुमरा, भुतही और सोनबरसा के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात की भीड़ को काफी कम करने में मदद मिलती है.

इस परियोजना से यात्रियों और माल की तेज और सुरक्षित आवाजाही, यात्रा दक्षता में सुधार होगा और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी. इसे 100 किमी प्रति घंटे और 80 किमी प्रति घंटे की औसत गति के डिजाइन किया गया है. इसमें सड़क के मध्‍य विभाजक में समतल-स्‍तरीय कोई खुला मार्ग नहीं होगा, जिससे तेज और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होगी.

एनएच-22 का मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो राष्ट्रीय माल ढुलाई ग्रिड से निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करता है. यह एनएच-31 और एनएच-122 जैसे मौजूदा गलियारों के साथ तालमेल बिठाकर बरौनी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों और गंगा नदी के किनारे स्थित लॉजिस्टिक्स केंद्रों से बेहतर संपर्क स्थापित करता है. साथ ही, यह भिटामोर स्थित निकटवर्ती लैंड पोर्ट के माध्यम से सीमा पार यात्री और माल की आवाजाही को भी बढ़ावा देता है.

Muzaffarpur Sitamarhi Highway
बिहार में बनेगा सुपरफास्ट हाईवे (ETV Bharat)

इसके अतिरिक्त, इस परियोजना में यातायात की सुचारू आवाजाही बनाए रखने और सुरक्षित, उच्च गति वाली यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सात प्रमुख पुलों (जिसमें बारहमासी बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा एक प्रमुख पुल शामिल है), तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और दो फ्लाईओवर (1170 मीटर और 270 मीटर) का प्रावधान है.

इस परियोजना से औसत यात्रा गति में वृद्धि, यात्रा समय में कमी, तथा समग्र सड़क सुरक्षा, ईंधन दक्षता और वाहनों की परिचालन लागत में सुधार होगा. इससे क्षेत्रीय आवागमन और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

माल और यात्रियों की तेज आवाजाही : यह परियोजना बिहार के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध संपर्क प्रदान करेगी. इसके अतिरिक्त, उन्नत कॉरिडोर से पीएम गति-शक्ति के पांच आर्थिक केंद्रों (चार औद्योगिक एस्‍टेट और एक मेगा फूड पार्क), चार सामाजिक केंद्रों (बाबा गरीबनाथ मंदिर, माता जानकी मंदिर, पुनौरा धाम, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी आकांक्षी जिले) और दो लॉजिस्टिक्स केंद्रों (मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन) के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा. इससे इस पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की तेज आवाजाही सुगम होगी.

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