स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित होगा मॉडल गर्ल्स स्कूल, कोरिया कलेक्टर का अधिकारियों को इंस्ट्रक्शन
कलेक्टर रोक्तिमा यादन ने बच्चों से सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे. उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूलों में डिजिटल शिक्षा पर जोर दिया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 7, 2026 at 11:16 AM IST
कोरिया: विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने की पहल तेज हो गई है. प्रस्तावित शासकीय स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित किए जाने वाले मॉडल गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, बैकुंठपुर का सोमवार को कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने विस्तृत निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक एवं भौतिक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस स्कूल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी) और पीएमश्री स्कूल के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, ताकि जिले के बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके.

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पूरे स्कूल परिसर में घूमकर क्लासरूम, साइंस लैब, लाइब्रेरी, खेल मैदान, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, टॉयलेट्स, इंफ्रोस्ट्रक्चर और अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालय के विकास की कार्ययोजना इस प्रकार तैयार की जाए कि यह भविष्य में जिले के लिए एक आदर्श शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित हो सके.

बच्चों से कलेक्टर ने की बात, पहाड़े सुनकर की सराहना
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्राथमिक कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से बात की. उन्होंने बच्चों से सामान्य अध्ययन और गणित से जुड़े कई प्रश्न पूछे. बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ 21 से 25 तक के पहाड़े सुनाए, जिस पर कलेक्टर ने उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना की. उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों में रटने की बजाय समझने और सोचने की क्षमता विकसित की जाए.
उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि हर दिन कक्षा में कम से कम पांच सामान्य ज्ञान के प्रश्नों पर चर्चा की जाए. उनका कहना था कि इससे छात्रों में जिज्ञासा बढ़ेगी, तार्किक सोच विकसित होगी और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर आधार तैयार होगा.
पुस्तकालय संस्कृति विकसित करने पर दिया विशेष जोर
कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने विद्यालय में पुस्तकालय की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया. उन्होंने शिक्षकों से कहा कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए. उनका मानना है कि पुस्तकों से जुड़ाव बच्चों की भाषा क्षमता, कल्पनाशक्ति, अभिव्यक्ति और ज्ञान के दायरे को व्यापक बनाता है. उन्होंने कहा कि पढ़ने की आदत विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास की सबसे मजबूत नींव होती है.
डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीकों से होगा सुसज्जित विद्यालय
कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ प्रस्तावित उत्कृष्ट विद्यालय की भविष्य की रूपरेखा पर भी चर्चा की.उन्होंने कहा कि विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल शिक्षण संसाधन, विज्ञान एवं गणित प्रयोगशालाएं, ई-लाइब्रेरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, कोडिंग और STEM आधारित नवाचार प्रयोगशालाओं के विकास की संभावनाओं पर गंभीरता से कार्य किया जाए. उनका उद्देश्य है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी महानगरों जैसी आधुनिक शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें.
खेल, योग, कला और कौशल विकास को भी मिलेगी प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि उत्कृष्ट विद्यालय केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. खेल, योग, संगीत, कला, कौशल विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों और सह-शैक्षणिक कार्यक्रमों को भी समान महत्व दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास संतुलित रूप से हो सके.

दिव्यांगजन अनुकूल परिसर और हरित तकनीकों पर रहेगा फोकस
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय के विकास की कार्ययोजना तैयार करते समय दिव्यांगजन अनुकूल अधोसंरचना, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, स्वास्थ्य कक्ष, हरित परिसर, सौर ऊर्जा प्रणाली, वर्षा जल संचयन, सीसीटीवी सुरक्षा और डिजिटल विद्यालय प्रबंधन प्रणाली जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण भी विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक है.
जिले के लिए बनेगा आदर्श शिक्षा मॉडल
कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने विश्वास जताया कि प्रस्तावित शासकीय स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय भविष्य में कोरिया जिले में गुणवत्तापूर्ण विद्यालयी शिक्षा का नया मानक स्थापित करेगा. उन्होंने कहा कि यह विद्यालय विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. साथ ही यह संस्थान जिले के अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक मॉडल के रूप में भी विकसित होगा.

