ETV Bharat / state

बालोद जिला जेल में मोबाइल मिलने से हड़कंप, जांच की कार्रवाई तेज

बालोद जिला जेल में तलाशी अभियान के दौरान मोबाइल मिलने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

mobile phone was found in Balod jail
बालोद जेल में मोबाइल मिलने का केस (ETV BHARAT)
author img

By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : December 31, 2025 at 7:00 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

बालोद: जिला जेल बालोद में गंभीर चूक का मामला सामने आया है. यहां तलाशी के दौरान मोबाइल फोन मिलने से जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. साइबर सेल और बालोद पुलिस की संयुक्त टीम ने जेल में जांच कर मोबाइल बरामद किया है।. टीम ने फोन को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. जेल के अंदर से मोबाइल मिलने के बाद जेल की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.

हत्या की साजिश से जुड़ा है मामला

बालोद पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, साइबर सेल और बालोद पुलिस की टीम हमर राज पार्टी के जिलाध्यक्ष की हत्या की साजिश से जुड़ी जांच में जुटी हुई थी. इस मामले में पुलिस ने मुकेश निर्मलकर नामक आरोपी को रिमांड पर लिया था. पूछताछ के दौरान मुकेश ने खुलासा किया कि जेल के अंदर एक मोबाइल छुपाकर रखा गया है, जिसका इस्तेमाल हत्या की साजिश रचने में किया गया था. इस जानकारी के बाद पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जिला जेल में सघन तलाशी अभियान चलाया.

बालोद के एसपी का बयान (ETV BHARAT)

तलाशी के दौरान बैरक नंबर 6 के सामने मिट्टी के ढेर में दबाकर रखा गया एक छोटा मोबाइल फोन बरामद हुआ है. पुलिस ने इस मोबाइल को साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है. आगे की कार्रवाई की जा रही है-योगेश पटेल, एसपी, बालोद

जेल में रची जा रही थी साजिश

बालोद पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि यह मोबाइल जेल में बंद आदतन बदमाश अश्विनी डड़सेना का था. अश्विनी इस समय धोखाधड़ी के एक मामले में सजा काट रहा है. वह जेल के अंदर से अपने नेटवर्क के जरिए हमर राज पार्टी के जिलाध्यक्ष की हत्या की साजिश रच रहा था. बताया गया कि अश्विनी ने अपने सहयोगी मुकेश निर्मलकर सहित अन्य आरोपियों को हत्या की सुपारी दी थी. एक दिसंबर को योजनाबद्ध तरीके से आरोपी जिलाध्यक्ष को मारने निकले, लेकिन असफल रहने पर उन्होंने उनकी कार में आग लगा दी. इस मामले में पुलिस ने अश्विनी डड़सेना, मुकेश निर्मलकर सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त टीम ने मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसकी तकनीकी जांच करवाई जा रही है. प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मोबाइल का उपयोग हत्या की साजिश रचने में किया गया था. मामले में जेल प्रशासन से भी रिपोर्ट तलब की गई है- योगेश पटेल, एसपी, बालोद पुलिस

बालोद जेल की सुरक्षा पर उठे सवाल

जेल के अंदर से मोबाइल फोन का बरामद होना सुरक्षा में भारी चूक का प्रमाण माना जा रहा है. बालोद जेल अधीक्षक और कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं. यह पुलिस प्रशासन के लिए भी चुनौती की बात साबित हो रही है.

बलरामपुर में बदसलूकी के आरोप में हेडमास्टर पर एक्शन, डीईओ ने किया सस्पेंड

साल के अंतिम दिन राज्य पुलिस सेवा के 16 अफसरों को मिला प्रमोशन, बनाए गए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक