'कांगड़ा वैली कार्निवल के नाम पर व्यापारियों से हो रही उगाही, उत्पीड़न और वसूली में नंबर-1 है सुक्खू सरकार'
कांगड़ा वैली कार्निवल को लेकर प्रदेश में सियासत गरम है. भाजपा विधायक और नेता सुखविंदर सरकार पर हमलावर है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 19, 2025 at 1:53 PM IST
धर्मशाला: 'एक ओर सुखविंदर सरकार आर्थिक संकट का रोना रोती है, दूसरी ओर भव्य आयोजनों की आड़ में व्यापारियों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं. तीन साल के शासन में हिमाचल प्रदेश का विकास ठप है, रोजगार समाप्त हो चुके हैं और अब व्यापारी वर्ग को भी निशाना बनाया जा रहा है'. ये आरोप भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस सरकार पर लगाए हैं.
दरअसल, 24 दिसंबर से शुरू होने वाले कांगड़ा वैली कार्निवल पर राजनीति शुरू हो गई है. भाजपा सरकार पर कार्निवल के नाम पर व्यापारियों से टैक्स उगाही करने का आरोप लगा रही है. सिविल सप्लाई विभाग के कांगड़ा जिला नियंत्रक का पत्र सोशल मीडिया में वायरल होने को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है.
'संस्कृति की आड़ में सरकारी उगाही'
सुलह से भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा, 'कांगड़ा वैली कार्निवल के नाम पर सरकार व्यापारियों से आर्थिक सहयोग के नाम पर वसूली कर रही है. यह साफ दर्शाता है कि कांग्रेस सरकार अब संस्कृति की आड़ में सरकारी उगाही को अपनी नीति बना चुकी है. कार्निवल के आयोजन को लेकर उपायुक्त कार्यालय द्वारा खाद्य आर्पूति विभाग को जारी एक पत्र इस का बात का परिणाम भी है'.
'प्रदेश को 'चंदा राज' की ओर धकेल रही सरकार'
विपिन परमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार प्रदेश को धीरे-धीरे 'चंदा राज' की ओर धकेल रही है. पहले टैक्स बढ़ाए गए, अब सरकारी आयोजनों के नाम पर वसूली की जा रही है. यह कांग्रेस की जनविरोधी सोच और विफल शासन का प्रत्यक्ष प्रमाण है. यदि सरकार वास्तव में कांगड़ा वैली कार्निवल जैसे आयोजनों को लेकर गंभीर है, तो बजट में इसके लिए स्पष्ट प्रावधान क्यों नहीं किए गए? सरकार की नीयत और वित्तीय कुप्रबंधन इस पूरे मामले में साफ झलकता है.
उन्होंने कहा कि सिविल सप्लाई विभाग के कांगड़ा जिला नियंत्रक का पत्र सोशल मीडिया में वायरल होना इस बात का पुख्ता सबूत है कि सरकारी कार्यक्रमों के लिए बजट बनाने के बजाय जनता और व्यापारियों की जेब पर डाका डाला जा रहा है. यह सहयोग नहीं, बल्कि दबाव और भय के माहौल में की जा रही जबरन वसूली है. परमार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषी अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने उगाही की यह नीति तुरंत बंद नहीं की, तो भाजपा व्यापारियों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर निर्णायक संघर्ष करेगी.

'उत्पीड़न और वसूली में नंबर-1 है सुक्खू सरकार'
वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने कहा, 'हाल ही में जारी हिमाचल प्रदेश मानव विकास रिपोर्ट 2025 रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस के शासनकाल में कांगड़ा विकास की दौड़ में पिछड़कर प्रदेश के सभी 12 जिलों में सबसे निचले पायदान यानी 12वें स्थान (HDI Rank: 0.695) पर पहुंच गया है. जबकि सोलन (0.880) और लाहौल-स्पीति जैसे जिले विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, कांगड़ा को जानबूझकर पिछड़ा बनाए रखा जा रहा है. वहीं, कांगड़ा कि फिस्सडी प्रदर्शन के बीच 'वैली कार्निवल' के नाम पर व्यापारियों से सरकारी उगाही, जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा. विकास के नाम पर शून्य, लेकिन राजनीतिक उत्पीड़न और वसूली में नंबर-1 है सुक्खू सरकार'.
जब जिला फिसड्डी, तो कैसा जश्न?
त्रिलोक कपूर ने धर्मशाला में आयोजित किए जा रहे 'कांगड़ा वैली कार्निवल 2025' को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'एक तरफ सरकारी रिपोर्ट कह रही है कि कांगड़ा आर्थिक और मानव विकास के मानकों पर सबसे कमजोर जिला है, दूसरी तरफ सरकार जश्न मनाकर जनता की आंखों में धूल झोंक रही है. यह कार्निवल विकास का नहीं, बल्कि कांगड़ा की बदहाली का उपहास है'.
'सरकार का तंत्र व्यापारियों का खून चूसने में लगा'
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इस कार्निवल के नाम पर जिले के व्यापारियों, छोटे दुकानदारों और पंचायतों से कथित तौर पर चंदा और सहयोग के नाम पर 'सरकारी संरक्षण' में उगाही की जा रही है. एचपीएचडीआर रिपोर्ट के अनुसार कांगड़ा के लोगों की कमाई और प्रति व्यक्ति आय के संसाधन घट रहे हैं, और ऊपर से कांग्रेस सरकार का तंत्र व्यापारियों का खून चूसने में लगा है. यह जले पर नमक छिड़कने जैसा है.
राजनीतिक उत्पीड़न का केंद्र बना कांगड़ा
कपूर ने कहा कि कांगड़ा की जनता ने कांग्रेस के पक्ष में बड़ा जनादेश दिया था, लेकिन बदले में उन्हें केवल उपेक्षा मिली. विकास के बड़े प्रोजेक्ट्स को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल केवल विपक्ष और आम जनता के उत्पीड़न के लिए किया जा रहा है. 2025 की बाढ़ और आपदा से त्रस्त कांगड़ा को राहत देने के बजाय सरकार अपना खजाना भरने के लिए विंटर कार्निवल जैसे आयोजन कर रही है. जिस कांगड़ा की स्वाभिमानी जनता ने सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई, उसे विकास सूचकांक में सबसे नीचे धकेलने वाली कांग्रेस सरकार को आने वाले समय में जनता कभी बख्शेगी नहीं.
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