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'हिमाचल आने वाले मेहमानों की जेब पर डाका डाल रही सरकार, टोल दरों में वृद्धि को जल्द ले वापस'

हिमाचल में टोल दरों में वृद्धि किए जाने के निर्णय को लेकर विधायक सतपाल सत्ती ने सुखविंदर सरकार पर साधा निशाना.

HIMACHAL HIKE TOLL CHARGES
भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 20, 2026 at 7:22 PM IST

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शिमला: हिमाचल प्रदेश में प्रवेश शुल्क और टोल दरों में की गई बढ़ोतरी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार हिमाचल आने वाले मेहमानों और स्थानीय निवासियों की जेब पर डाका डालकर उनका स्वागत कर रही है.

विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा, 'जिस प्रदेश को देवभूमि और पर्यटन की दृष्टि से अतिथि सत्कार के लिए जाना जाता है, वहां प्रवेश द्वारों पर शुल्क में बेतहाशा वृद्धि कर आम लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है. सत्ती ने इसे जनविरोधी निर्णय बताते हुए तत्काल प्रभाव से वृद्धि वापस लेने और प्रवेश शुल्क को पूरी तरह समाप्त करने की मांग उठाई है'.

शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर टोल और प्रवेश शुल्क में की गई बढ़ोतरी से सीमावर्ती जिलों के लोगों पर सीधा असर पड़ा है. उन्होंने दावा किया कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में ऐसे कई करों को समाप्त कर स्थानीय लोगों को राहत दी गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसके विपरीत कदम उठाते हुए शुल्क में भारी वृद्धि कर दी है.

भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती (ETV BHARAT)

सतपाल सत्ती ने कहा कि पूरे हिमाचल प्रदेश में कुल 33 टोल नाके संचालित हैं, जिनमें से 11 केवल ऊना जिले में स्थित हैं. उन्होंने तर्क दिया कि ऊना जैसे सीमांत जिले में बड़ी संख्या में लोगों की रिश्तेदारियां पंजाब से जुड़ी हैं, कई लोग रोजगार के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में आवाजाही करते हैं और अनेक व्यापारी दोनों राज्यों में कारोबार करते हैं. ऐसे में बढ़ा हुआ शुल्क आम परिवारों और छोटे व्यापारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित होगा.

विधायक ने यह भी कहा कि कमर्शियल वाहनों जैसे ट्रक, टैक्सी और अन्य मालवाहक गाड़ियों पर शुल्क वृद्धि का असर परिवहन लागत पर पड़ेगा, जिसका सीधा प्रभाव महंगाई पर देखने को मिल सकता है. उनके अनुसार, इससे न केवल स्थानीय व्यापार प्रभावित होगा. बल्कि पर्यटन उद्योग पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा.

विधायक सत्ती ने आरोप लगाया कि सरकार राजस्व बढ़ाने के नाम पर जनता पर करों का दबाव बना रही है. उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल इस निर्णय पर पुनर्विचार करे, बढ़ी हुई दरों को वापस ले और प्रवेश शुल्क को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी की तो भाजपा इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगी.

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