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खारुन नदी में गंदा जल मिलने का मुद्दा, राजेश मूणत ने एसटीपी निर्माण पर उठाए सवाल, सरकार बोली पूरी क्षमता से कर रहा काम

खारुन नदी में गंदा जल मिलने के मुद्दे को विधायक राजेश मूणत ने विधानसभा में उठाया.सरकार ने मूणत के प्रश्न पर जवाब दिया.

Issue of dirty water in Kharun
खारुन नदी में गंदा पानी मिलाने का मुद्दा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 25, 2026 at 4:25 PM IST

4 Min Read
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रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में बीजेपी विधायक राजेश मूणत ने खारुन नदी में एसटीपी निर्माण और नाले का गंदा पानी मिलने का मुद्दा उठाया. राजेश मूणत ने प्रश्न उठाया कि खारुन नदी रायपुरवासियों का प्यास बुझाती है. खारुन नदी के जल स्तर को बढ़ाने और इसमें नाले का गंदा पानी मिलने से रोकने के लिए एसटीपी निर्माण का डीपीआर बना.इसके बाद डीपीआर के मुताबिक खारुन नदी पर एसटीपी का निर्माण कराया गया.इसके बाद भी खारुन नदी में नाले का गंदा पानी मिल रहा है.जिससे खारुन नदी का पानी दूषित हो रहा है. खारुन नदी पर जो एसटीपी बनाए गए हैं,उसका बजट कितना था.उस पर अब तक कितना काम हुआ और जहां पर नाले का पानी लाकर उसे फिल्टर करने के बाद खारुन नदी में मिलाया जाना था,वो काम हो रहा है या नहीं इसे लेकर मेरा प्रश्न है.


राजेश मूणत का एसटीपी निर्माण को लेकर आरोप

राजेश मूणत ने कहा कि खारुन नदी के पास एसटीपी निर्माण के लिए सरकारी जमीन मौजूद थी.बावजूद इसके सरकारी जमीन से छह किलोमीटर दूर जाकर एसटीपी का निर्माण करवाया गया.इसके बाद नाले का पानी उस एसटीपी तक ले जाने के लिए डीपीआर बना और काम हुआ.लेकिन अब भी नाले का पानी एसटीपी तक नहीं पहुंच सका है.लिहाजा आज भी नालों का पानी सीधा खारुन नदी में मिल रहा है.

विधानसभा में गूंजा खारुन नदी में गंदा पानी मिलने का मुद्दा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

एसटीपी के निर्माण के बाद भी अधिकारियों द्वारा इसे अनदेखा किया जाना,जबकि राजधानी में मुख्यमंत्री,मंत्री,विधायक,सीएस और अफसर सब यहीं रहते हैं.उस शहर के अंदर यदि गंदा पानी सप्लाई हो रहा है तो ये चिंता का विषय है.सरकार के सामने गंदे पानी को लेकर इस विषय को लाने का मकसद सिर्फ इतना था कि इंदौर के भागवतपुरा के अंदर गंदे पानी को लेकर एक बहुत बड़ी घटना हो चुकी है. पहले यहां रायपुर में डीडी नगर में पीलिया का प्रकोप फैल चुका है. इसलिए सरकार के संज्ञान में लाकर इस व्यवस्था को दुरुस्त करें,इस प्रश्न का उद्देश्य यही था - राजेश मूणत,विधायक बीजेपी

गंदे पानी के शोधन की मांग

राजेश मूणत ने मांग की है कि शहर के अंदर गंदे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित हो.शहर में गंदे पानी का शोधन करके उस साफ पानी को नदी के पानी में मिलाने की दिशा में काम हो.यही नहीं एसटीपी का जो पानी है उसकी रिसायकलिंग होने के बाद उसका सदुपयोग किस तरह से हो इसकी कार्ययोजना नगर निगम या नगरीय प्रशासन विभाग को बनानी चाहिए.ताकि गंदे पानी का सदुपयोग भी हो जाए और शहर को शुद्ध ट्रीटेड पानी मिले.

नगरीय प्रशासन मंत्री ने दिया जवाब

विधायक राजेश मूणत के सवालों को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने विधानसभा में जवाब दिया. अरुण साव ने कहा कि खारुन नदी में एसटीपी का निर्माण हुआ है वो पूरी क्षमता से काम कर रहा है.लेकिन प्लास्टिक के सॉलिड वेस्ट आ जाने के कारण ओव्हरफ्लो होता है और वो पानी खारुन नदी में जाता है.

जैसे ही ये विषय हमारे संज्ञान में आया हमने मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में कमेटी बनाई.उस कमेटी ने जांच करने के बाद समिति ने नगर निगम रायपुर को पत्र लिखकर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए कहा है.जो नाला है उसकी सीमांकन की आवश्यकता है,सीमांकन के लिए निर्देशित किया है- अरुण साव, नगरीय प्रशासन मंत्री

लगातार हम एसटीपी का निर्माण कर रहे हैं ताकि गंदा पानी नदियों के पानी में ना जाए,उसको ट्रीट कर उसका इस्तेमाल किया जाए.इस दिशा में सरकार बढ़ रही है. इसके लिए सभी निकायों में एसटीपी निर्माण के लिए कहा गया है.वहीं खारुन नदी में गंदा पानी के निपटारे के लिए कार्यवाही हो रही है,जल्द ही सबका निराकरण होगा.

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