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क्या झारखंड में ट्राइबल सब-प्लान की राशि का हो रहा है विचलन ? सदन में उठा सवाल, मंत्री बोले, कानून बनाने की है जरुरत

झारखंड में ट्राइबल सब-प्लान की राशि विचलन को लेकर विधायक राजेश कच्छप ने विधानसभा के बजट सत्र में सवाल पूछा.

MLA Rajesh Kachhap
कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 26, 2026 at 8:01 PM IST

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रिपोर्ट- राजेश कुमार सिंह

रांची: संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए ट्राइबल सब-प्लान के नाम पर केंद्र सरकार राशि मुहैया कराती है. झारखंड में आदिवासी आबादी 26 प्रतिशत है. इसलिए झारखंड को भी टीएसपी के तहत राशि मिलती है. अब सवाल है कि क्या इस राशि का इस्तेमाल सिर्फ आदिवासी हित में हो रहा है. खिजरी से कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने प्रश्नकाल में इस सवाल को उठाया. इस पर अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री चमरा लिंडा का जवाब चौंकाने वाला तो था ही साथ ही चिंतित करने वाला भी था.

टीएसपी की राशि का हो रहा है विचलन

विभागीय मंत्री चमरा लिंडा ने दो टूक कहा कि उनके विभाग के पास आने वाली टीएसपी की राशि का इस्तेमाल सिर्फ आदिवासी हित में होता है लेकिन अन्य विभागों में राशि के विचलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि एक समय झारखंड में हाथी उड़ाने के नाम पर टीएसपी की राशि के दुरुपयोग का मामला चर्चा के केंद्र में था. कई विभाग भी इस राशि को दूसरे काम में लगा देते हैं. यह गंभीर मसला है.

ट्राइबल सब-प्लान की राशि विचलन को लेकर सदन में उठा सवाल (Etv Bharat)

टीएसपी की मॉनिटरिंग के लिए कानून की जरूरत

मंत्री चमरा लिंडा ने स्पष्ट रूप से कहा कि झारखंड में टीएसपी के पैसे की मॉनिटरिंग के लिए कोई कानून या ठोस नियम नहीं है. उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में टीएसपी की मॉनटरिंग के लिए कानून है. झारखंड में फिलहाल केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पालन करने का प्रावधान है, जो सही मायने में नहीं हो पाता है.

सभी विभाग अपने हिसाब से करते हैं खर्च

मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि टीएसपी में केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार भी पैसे देती है. यह राशि एसटी विभाग के साथ-साथ ऊर्जा, वन समेत अन्य विभागों को दी जाती है. उस राशि का इस्तेमाल संबंधित विभाग अपने हिसाब से खर्च करते हैं. नोडल विभाग होने के नाते एसटी-एससी विभाग सिर्फ मॉनिटरिंग कर पाता है. लेकिन उसपर नियंत्रण का कोई अधिकार नहीं है.

गलत खर्च करने वालों पर कब होगी कार्रवाई

विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि क्या सरकार टीएसपी के पैसे का गलत इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मंशा रखती है. क्या वैसे अधिकारियों पर कार्रवाई होगी. जवाब में मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि ऐसा करने का अधिकार उनके विभाग के पास नहीं है. लेकिन इस सवाल के आने के बाद उन्होंने सभी विभागों को पत्र लिखकर टीएसपी की राशि का ब्यौरा मांगा है. यह देखा जाएगा कि किस विभाग ने संबंधित राशि को कहां खर्च किया. उसी आधार पर कार्रवाई के बाबत जवाब दिया जा सकेगा.

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