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धनबाद SNMMCH में बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट और मशीनों की कमी का मामला सदन में गूंजा, राज सिन्हा की मंत्री इरफान से चली खींचतान

झारखंड बजट सत्र में धनबाद एसएनएमएमसीएच का मामला विधायक राज सिन्हा ने उठाया है.

Jharkhand budget session
विधायक राज सिन्हा और मंत्री इरफान अंसारी. (फोटो-सौ. जेवीएसटीवी)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 27, 2026 at 8:38 PM IST

3 Min Read
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रिपोर्ट: राजेश कुमार सिंह

रांची: धनबाद के SNMMCH में धनबाद के साथ-साथ गिरिडीह, दुमका, जामताड़ा जैसे जिलों के मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन इस अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट ठप पड़े हुए हैं. चंद रुपये में मिलने वाले फ्लो मीटर भी खराब पड़े हैं. ऑक्सीजन प्लांट बनाने के नाम पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और सिविल सर्जन एक दूसरे पर फेंका-फेंकी कर रहे हैं. ऑक्सीजन नहीं मिलने से मरीजों की जान सांसत में रहती है. भाजपा विधायक राज सिन्हा ने सरकार से पूछा कि खराब पड़े ऑक्सीजन प्लांट को कब ठीक किया जाएगा.

तीन ऑक्सीजन प्लांट में से दो प्लांट ठप

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने जवाब में कहा कि तीन ऑक्सीजन प्लांट में से दो प्लांट खराब पड़े हुए हैं. यह व्यवस्था केंद्र सरकार के सहयोग से कोरोना काल में लगी थी. अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है. एक प्लांट से जरूरत पूरी हो जा रही है. खराब दोनों प्लांट के लिए भारत सरकार की एजेंसी से पत्राचार किया जा रहा है. वहां से रिस्पांस नहीं मिल रहा है. मंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन के अभाव में किसी मरीज की जान नहीं गई है. रही बात फ्लो मीटर की तो वो पर्याप्त है. मरीजों की संख्या को देखते हुए नया मेडिकल कॉलेज बनाने की कवायद चल रही है.

केंद्र सरकार के भरोसे क्यों बैठा है विभाग

विधायक राज सिन्हा ने कहा कि एसएनएमएमसीएच में हर दिन 1300 मरीज आते हैं. मंत्री को स्वीकार करना चाहिए कि वहां दिक्कत है. इसके लिए केंद्र पर ठीकरा नहीं फोड़ना चाहिए. इसपर विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2019-20 में प्लांट लगवाया था. अब केंद्र के भरोसे क्यों बैठे हैं. क्या स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से ठीक नहीं करवा सकता है.

ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है-मंत्री

मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि प्लांट को ठीक करने के लिए टेंडर भी किया जा रहा है, लेकिन कोई नहीं आ रहा है. फिलहाल सिलेंडर पर्याप्त संख्या में है. इस पर विधायक ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टर की भारी कमी है. एसआईसीयू में 15 बेड में से 10 में फ्लो मीटर नहीं हैं. वहां जनप्रतिनिधि की समिति बनाई जानी चाहिए, ताकि विभाग से तालमेल बना रहे. विधायक ने पूछा कि कब तक चिकित्सकों की बहाली होगी.

मंत्री ने कहा कि फ्लो मीटर के बगैर ऑक्सीजन दे ही नहीं सकते. मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर हैं. अस्पताल में कुल 14 डॉक्टर हैं. इनमें चार महिला डॉक्टर हैं. हमलोग बहुत जल्द 370 मेडिकल ऑफिसर और बड़ी संख्या में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर बहाल करने जा रहे हैं. जेपीएससी ने आउटसोर्सिंग के जरिए निविदा निकालने की बात कही है.

विधायक राज सिन्हा ने कहा कि मंत्री को अस्पताल में तैनात हर स्तर के डॉक्टर की सूची उपलब्ध करानी चाहिए. जवाब में मंत्री ने माना कि वहां सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे और कैथलैब डायलिसिस जैसी उपकरणों को अधिष्ठापित करने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है.

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