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प्रवासी श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन और मुआवजे का मामला, जयराम महतो के सवाल पर मंत्री का जवाब, राशि बढ़ाने के लिए सीएम से होगी बात

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में विधायक जयराम महतो ने प्रवासी श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन और मुआवजे का मामला उठाया.

MLA Jairam Mahto
विधायक जयराम महतो (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 20, 2026 at 3:57 PM IST

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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान प्रवासी श्रमिकों का मुद्दा सुर्खियों में रहा. डुमरी से जेएलकेएम विधायक जयराम कुमार महतो ने सरकार से पूछा कि राज्य में करीब 16 लाख प्रवासी मजदूर हैं. लेकिन सिर्फ 1 लाख 91 हजार मजदूरों का ही रजिस्ट्रेशन हो पाया है. साथ ही दूसरे राज्यों में असमय निधन होने पर मुआवजा के तौर पर सिर्फ 50 हजार रु दिये जाते हैं, जो नाकाफी है. इसे बढ़ाकर 5 लाख रु किया जाना चाहिए.

सभी प्रवासी श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन करवाएगी सरकार

जवाब में श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशन विकास विभाग के मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि श्रमाधान पोर्टल पर दिनांक 16 फरवरी तक 2,19,169 प्रवासी श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है. शेष मजदूरों की जहां तक बात है तो इसके लिए प्रचार प्रसार के उपाय किए जा रहे हैं ताकि प्रवासी श्रमिक अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं. इसको और भी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा.

प्रवासी श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन और मुआवजे का मामला (Etv Bharat)

उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में श्रमिकों का सामान्य या दुर्घटना में मृत्यु होने पर पार्थिव शरीर को पैतृक निवास तक लाने के लिए मुख्यमंत्री झारखंड प्रवासी श्रमिक दुर्घटना कोष से 50 हजार रु की आर्थिक सहायता दी जाती है. पार्थिव शरीर को लाने के लिए विभाग के स्तर पर हर संभव कार्रवाई की जाती है. जहां तक मुआवजा राशि बढ़ाने की बात है तो इसको लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी. मंत्री ने माना कि मुआवजा राशि बढ़ाने की जरूरत है.

झारखंड प्रवासी श्रमिक आयोग की फिलहाल जरूरत नहीं

विधायक जयकुमार महतो ने जानना चाहा कि क्या सरकार झारखंड प्रवासी श्रमिक आयोग का गठन करना चाहती है. जवाब में मंत्री ने कहा कि अभी इसकी कोई जरूरत नहीं है. क्योंकि डोरंडा में श्रम विभाग के नियंत्रण में राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष संचालित है. नियंत्रण कक्ष में आने वाली सूचनाओं के आधार पर दूसरे राज्यों के साथ संपर्क स्थापित कर प्रवासी श्रमिकों को हर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाती है. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में झारखंड सरकार ने श्रमिकों को वापस लाने के लिए बस और रेल के साथ-साथ हवाई जहाज तक की सुविधा मुहैया कराई थी.

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