छात्रों के साथ झड़प और पिटाई मामला, JMM कार्यकर्ताओं को जयराम की चेतावनी से गरमाया पारा, मनोज पांडेय ने चेताया, पूछे सवाल
पुतला दहन के दौरान छात्रों के साथ झड़प के लिए विधायक जयराम महतो ने झामुमो पर आरोप लगाया है. राजेश कुमार सिंह की रिपोर्ट.

Published : August 24, 2026 at 5:02 PM IST
रांची: JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ 26 दिनों तक चला छात्रों का आंदोलन अब राजनीतिक रंग लेता दिखा रहा है. 22 अगस्त की शाम रांची, हजारीबाग, गिरिडीह और गढ़वा में सीएम के पुतला दहन के दौरान हुई झड़प के लिए JLKM विधायक जयराम महतो ने सीधे तौर पर झामुमो को जिम्मेदार ठहराते हुए चेतावनी दे डाली है. इस पर जवाबी हमला बोलते हुए झामुमो ने जयराम महतो को चेताया है. साथ ही कुछ सवाल भी किए हैं.
झामुमो के खिलाफ क्या कहा है जयराम महतो ने
सबसे पहले यह समझना जरुरी है कि JLKM और झामुमो में जुबानी जंग क्यों छिड़ी हुई है. दरअसल, जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने एक बयान जारी कर कहा कि छात्रों को सीएम का पुतला जलाने का अधिकार है लेकिन जिस तरह से 40, 45 और 50 साल की उम्र वाले झामुमो कार्यकर्ताओं ने छात्रों को पीटा है, उनको समझ लेना चाहिए कि जब 25 साल का नौजवान उनको सड़कों पर दौड़ाएगा तो क्या होगा.
झामुमो कार्यकर्ताओं को कैसे मिली इतनी हिम्मत: जयराम
जयराम महतो ने छात्रों को संबोधित करते हुए यहां तक कह दिया है कि अगर ऐसे मामले में सरकार मौन रहती है तो आप भी चिन्हित कीजिए. जब राज्य की सबसे बड़ी सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता अनुशासन में नहीं है तो फिर छात्र क्या अनुशासन का ठेका लिए हुए हैं. जयराम महतो ने कहा है कि पहली बार ऐसा हुआ है, जब झामुमो के कार्यकर्ताओं ने छात्रों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा है. ऊपर से रामगढ़ में झामुमो के एक नेता ने इस मामले में अभद्र टिप्पणी करते हुए चुनौती भी दी है.
जयराम महतो ने पूछा कि यह कौन सा लोकतांत्रिक आचरण है. झामुमो कार्यकर्ताओं को इतनी हिम्मत कैसे मिली. सीएम के खिलाफ गलत बयान देने वाले के खिलाफ थाना में प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए थी लेकिन पुतला दहन के दिन झामुमो कार्यकर्ता, पुलिस बने बैठे थे. जयराम महतो ने इस मामले में सीएम से संज्ञान लेकर आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो छात्रों का आंदोलन और उग्र होगा.
लोकतांत्रिक अधिकार है सीएम का पुतला फूंकना: जयराम
JLKM विधायक जयराम महतो ने धमकी देने वाले रामगढ़ के झामुमो नेता का नाम लिए बगैर कहा कि उन्हें मालूम होना चाहिए कि इस देश में पीएम, सीएम, मंत्री, सांसद और विधायक का पुतला फूंकने की परंपरा रही है. यह आम लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है. सिर्फ राष्ट्रपति, राज्यपाल और न्यायाधीशों का पुतला नहीं फूंका जा सकता है.
जंतर-मंतर पर लाठी बरसी तो जयराम को क्या नहीं हुआ दर्द
इस पर झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने जवाब देते हुए उन पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठियां चली थीं. संघ और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कील लगी लाठियां छात्रों पर बरसाई थी. वहां झारखंड के भी छात्र थे, तब जयराम महतो को दर्द क्यों नहीं हुआ?
खबरों में बने रहने के लिए ऐसा बोलते हैं जयराम महतो: JMM
झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि सुर्खियों में बने रहने के लिए जयराम महतो इस तरह की बयानबाजी करते रहते हैं. इन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि पुतला दहन को कतई जस्टिफाई नहीं किया जा सकता, क्योंकि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले पर स्टे लगाया है. इस मामले में 15 दिन बाद फिर सुनवाई है. अब ऐसे में हेमंत सोरेन कैसे कठघरे में आ गये. उन्होंने पूछा कि हमारे नेता के खिलाफ अमर्यादित नारा क्यों लगेगा.
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