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'बूंदी के साथ योजनाबद्ध उपेक्षा': विधायक हरिमोहन शर्मा ने सरकार और लोकसभा अध्यक्ष पर साधा निशाना

विधायक शर्मा ने कहा कि एयरपोर्ट में पहले बूंदी का नाम नहीं था. ​यदि ऐसा था तो ओम बिरला एमओयू की कॉपी सार्वजनिक करें.

MLA Harimohan Sharma
पत्रकार वार्ता में विधायक शर्मा व अन्य (Etv Bharat Bundi)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 5, 2026 at 6:27 PM IST

3 Min Read
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बूंदी: विधायक हरिमोहन शर्मा ने भाजपा सरकार और कोटा-बूंदी सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि बूंदी के साथ न सिर्फ अन्याय, बल्कि 'योजनाबद्ध उपेक्षा' की जा रही है तथा बड़े पदों पर बैठे लोग सच्चाई से मुंह मोड़ रहे हैं. उन्होंने ​बिरला के इस दावे को गलत बताया कि एयरपोर्ट के मूल प्रस्ताव में ही बूंदी का नाम शामिल था. विधायक ने लोकसभा अध्यक्ष बिरला के इस कथन को 'असत्य और भ्रामक' बताया. उन्होंने चुनौती दी कि यदि ऐसा है तो एयरपोर्ट के एमओयू की प्रति सार्वजनिक की जाए, जिसमें उनके दावे के अनुसार केवल 'कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट' का नाम दर्ज था. उन्होंने कहा कि बूंदी की जनता का धन्यवाद किया जाना चाहिए, जिन्होंने अपने जिले में बनने वाले एयरपोर्ट पर कोटा का नाम स्वीकार किया.

विधायक शर्मा सोमवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने गरड़दा और नौनेरा पेयजल परियोजनाओं को लेकर भी उन्होंने भाजपा सरकार पर श्रेय की राजनीति का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि 234 करोड़ रुपए की गरड़दा पेयजल परियोजना पूर्ववर्ती सरकार के समय स्वीकृत हुई थी और कार्यादेश भी उसी दौरान जारी हुआ था. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना काम किए श्रेय लेना अब भाजपा सरकार की आदत बन चुकी है. विधायक ने आगे कहा कि सिलोड़-नमाना-भोपतपुरा सड़क और गरड़दा बांध जैसी परियोजनाएं उनकी सरकार के समय स्वीकृत हुई थीं, लेकिन भाजपा सरकार अपने दो साल से अधिक के कार्यकाल में भी वन विभाग की एनओसी तक नहीं दिला पाई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दो वर्ष में बूंदी मिनी सचिवालय बनना तो दूर, उसकी डीपीआर भी नहीं बनी है.

विधायक हरिमोहन शर्मा. (Etv Bharat Bundi)

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जैत सागर और नवल सागर झीलों के जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृत 17 करोड़ रुपए पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि एक साल बीत जाने के बावजूद न तो टेंडर जारी हुआ और न ही काम शुरू हुआ. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि झील की सफाई के लिए कोटा से लाई गई मशीन पिछले एक साल से उलटी पड़ी है. लोकार्पण कार्यक्रमों में बूंदी के जनप्रतिनिधियों को निमंत्रण न भेजे जाने को उन्होंने बूंदी की जनता का खुला अपमान बताया.

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मुख्यमंत्री का दावा बूंदी में नजर नहीं आया: विधायक ने कोटा-बूंदी विकास प्राधिकरण (केडीए) के बजाय अलग से बूंदी विकास प्राधिकरण बनाने की मांग की. विधायक शर्मा ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दो साल के कार्यकाल में बूंदी को कौन-सी नई योजना मिली या कौन-सा चुनावी वादा पूरा हुआ?. उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत वादे पूरे होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन बूंदी की धरती पर वह 70 प्रतिशत कहीं नजर नहीं आता.