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चाईबासा में थैलेसिमिया पीड़ित बच्चों के HIV पीड़ित होने का मामला, कब जारी होगी जांच रिपोर्ट, अरुप चटर्जी का सवाल, खूब हुआ हंगामा

झारखंड विधानसभा में विधायक अरूप चटर्जी ने चाईबासा में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने के मुद्दे पर सवाल उठाया.

HIV INFECTED BLOOD
विधायक अरुप चटर्जी (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 27, 2026 at 6:19 PM IST

3 Min Read
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रिपोर्ट- राजेश कुमार सिंह

रांची: चाईबासा में थैलेसिमिया पीड़ित पांच बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाने की वजह से एचआईवी संक्रमित होने का मामला प्रश्नकाल में गूंजा. भाकपा माले विधायक अरुप चटर्जी ने पूछा कि पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिला है या नहीं. उन परिवारों के लिए सरकार क्या कर रही है. उन्होंने विशेष रूप से यह जानना चाहा कि मामले की जांच लंबे समय से चल रही थी. उस रिपोर्ट का अबतक क्या हुआ. कहां है रिपोर्ट?

ठोस जवाब नहीं आने पर भाजपा के विधायकों ने भी हूटिंग की. मंत्री इरफान अंसारी पर आरोप लगा कि वे दोषियों को बचाने का काम कर रहे हैं. काफी खींचतान और हंगामे के बाद मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जल्द जांच रिपोर्ट आ जाएगी. हालांकि, उन्होंने बच्चों के संक्रमण की कई वजहें बताई.

सदन में उठा चाईबासा में थैलेसिमिया पीड़ित बच्चों के HIV पीड़ित होने का मामला (Etv Bharat)

जांच रिपोर्ट की समय सीमा पर जमकर हुई तकरार

विधायक अरुप चटर्जी ने जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि एक तरफ मंत्री यह कह रहे हैं कि थैलेसिमिया पीड़ित बच्चों को डोनेटेड ब्लड के पैकेट का रैपिड कार्ड टेस्ट के जरिए सभी पांच जांच के बाद नॉन रिएक्टिव पाए जाने पर चढ़ाया गया था. दूसरी तरफ यह कहना कि चाईबासा में एचआईवी पॉजिटिव ब्लड चढ़ाया जाना प्रमाणित नहीं पाया गया है. इससे साफ है कि दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है. लिहाजा, मंत्री को चलते सत्र में जांच रिपोर्ट सदन पटल पर रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि अबतक पीड़ित परिवारों को मुआवजा भी नहीं मिला है.

पीड़ित परिवारों का खर्च वहन करेगी सरकार - मंत्री

जवाब में मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि घटना के फौरन बाद पीड़ित परिवारों से मिलकर दो-दो लाख की मुआवजा राशि मुहैया करा दी गई थी. वहीं जांच की प्रक्रिया चल रही है. मंत्री ने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी. उन्होंने कहा कि इसमें टेक्निकल मामला है. इसलिए जांच में वक्त लग रहा है.

जांच रिपोर्ट जारी करने की समय सीमा पर गोलमोल जवाब आने पर भाजपा विधायकों ने जमकर हूटिंग की. इस पर मंत्री ने विपक्ष को चीख चीख कर खरी खोटी सुनाई. बाद में स्पीकर के हस्तक्षेप करने पर उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट को मंगवाया जाएगा. इसपर अरुप चटर्जी ने कहा कि सरकार पीड़ित बच्चों को सरकारी खर्च पर हायर ट्रिटमेंट के लिए बाहर भेजे. लेकिन जांच रिपोर्ट पर जवाब स्पष्ट होना चाहिए.

मंत्री ने कहा कि इस घटना के बाद व्यवस्था बदल दी गई है. अब ब्लड सेपरेशन यूनिट लगाया जा रहा है. हर तरह की जांच के बाद ही ब्लड चढ़ाया जाता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मसले को लेकर सरकार गंभीर है और जांच रिपोर्ट आने पर दोषी बख्शे नहीं जाएंगे. इस मामले में भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि एक लापरवाही की वजह से पांच बच्चों की जिंदगी नरक हो गई है. इसको गंभीरता से लिया जाना चाहिए.

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