मिथिलांचल में इस साल 63 दिन गूंजेगी शहनाई, यहां देखिए पूरी लिस्ट
मिथिलांचल में साल 2026-27 में 63 दिन बजेगी शहनाई, 27 दिन द्विरागमन, जानिए विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश की पूरी लिस्ट.

Published : April 19, 2026 at 1:31 PM IST
दरभंगा: बिहार का मिथिला क्षेत्र पूरे विश्व में आज भी अपने विधि विधान के लिए जाना जाता है 2026-27 में होने वाले विवाह, द्विरागमन उपनयन, मुंडन और अन्य संस्कारों के मुहूर्त भी शास्त्रीय आधार पर तय कर दी गई है.
पंडित सभा का आयोजन: अखिल भारतीय मैथिल महासभा भवन बलभद्रपुर के प्रांगण में संस्कृत विवि के कुलपति लक्ष्मी निवास पांडेय की अध्यक्षता में पंडित सभा का आयोजन किया गया. ज्योतिष शोध केंद्र बलभद्रपुर के निदेशक सह सचिव पंडित विश्वनाथ झा शास्त्री की देखरेख में हुई पंडित महासभा की बैठक में मिथिला से प्रकाशित होने वाले विश्वविद्यालय पंचांग जारी की गई.

बैठक में तैयार हुआ मिथिलांचल का पंचाग: दरअसल ज्योतिष शोध केंद्र बलभद्रपुर के निदेशक सह सचिव पंडित विश्वनाथ झा शास्त्री की देखरेख में हुई पंडित महासभा की बैठक में मिथिला से प्रकाशित होने वाले विश्वविद्यालय पंचांग के पंचांगकार पंडित रामचंद्र झा, विद्यापति पंचांग के पंचांगकार देवकी नंदन झा और मिथिलांचल के दर्जनों विद्वान आदि ने भाग लिया. बैठक में सर्वसम्मति से सभी पंचांगों के पंचांगकारो ने अपने अपने पंचांगों में पर्व त्यौहार एवं लग्न मुहूर्त में एकरूपता रखने का निर्णय लिया.

उपनयन के 14 दिन: 2027 में फरवरी माह के 9 तारीख (छन्दोंग), 11, 16(छन्दोंग), 17, मार्च में 17 को (क्षत्रिय वैश्य), 18, अप्रैल में 11, मई में 10, जून माह में 07, 09, 13, 14, जुलाई में 06 (छन्दोंग), 08 को उपनयन होगा.
विवाह के 63 दिन: वर्ष 2026 में नवंबर में 22, 25, 26, 30, दिसंबर में 04, 06, 09, 10, 11, 14, जनवरी 2027 में 18, 24, 28, 29, 31, फरवरी में 07, 10, 11, 15, 21, 22, 24, 25, 28, मार्च में 01, 03, 04, 10, 11, अप्रैल माह में 10, 21, 23, 25, 28, 29, मई में 02, 03, 07, 09, 13, 17, 20, 21, 23, 24, 26, 27, 30, 31, जून में 02, 04, 09, 10, 13, 14, 18, 23, 24, जुलाई में 01, 02, 07, 08, 09.

द्विरागमन के 27 दिन: नवंबर 2026 में 22, 25, 26, 29, दिसंबर में 09, 10, 11, 13, 14, फरवरी 2027 में 15, 17, 18, 19, 22, 24, 25, मार्च में 10, 11, अप्रैल में 18, 19, 21, 23, 25, 26, मई में 09, 10, 12.
मुंडन के 22 दिन: नवंबर 2026 में 26, दिसंबर में 14, जनवरी 2027 में 20 और 27, फरवरी में 08, 11, 18, 19, 22, 25, मार्च में 10 और 11, मई में 12, 17, 21, जून में 07, 14, 21, 23 और 24, जुलाई में 05 और 12.
गृहारंभ के 19 दिन: अक्टूबर 2026 में 24, 26, 30, नवंबर में 20, 21, 26, 28, जनवरी 2027 में 22 को, फरवरी में 19, 22, 25, अप्रैल में 23, मई में 17, 20, 22, जून में 14, 21, 23, 24.

गृहप्रवेश के 18 दिन: अक्टूबर 2026 में 24, नवंबर में 14, 19, 20, 21 तथा 14 दिसंबर को, जनवरी 2027 में 18 और 20, फरवरी में 15, 17, 18, 19, मई में 10, 12, 17, जून में 14। जुलाई में 09, 10:
देवादिप्रतिष्ठा के 18 दिन: जनवरी 2027 में 20, 22, फरवरी में 08, 11, 18, 19, मार्च में 10, 11, अप्रैल में 18, मई में 09, 12, 17, जून में 06, 07, 13, 14, जुलाई में 05 और 09. ज्योतिष शोध केंद्र के सचिव विश्वनाथ झा ने कहा कि यह पंडित सभा 1978 से लगातार आयोजित की जा रही है और इसका उद्देश्य मिथिला की ज्योतिषीय परंपरा को बनाए रखते हुए समाज में एकरूपता स्थापित करना है.
"इस निर्णय से मिथिला क्षेत्र में पर्व-त्योहारों को लेकर असमंजस की स्थिति समाप्त होगी और श्रद्धालुओं को एक समान तिथियों पर उत्सव मनाने में सुविधा मिलेगी. मिथिला में पर्व की तिथियों पर सहमति बनी है, दुर्गा पूजा व छठ 2026-27 की तारीखें तय की गई है."-विश्वनाथ झा, सचिव, ज्योतिष शोध केंद्र
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