मितानिन संघ की वादा निभाओ रैली , मानदेय वृद्धि और संविलियन की मांग, सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन
दंतेवाड़ा में मितानिन संघ ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. मितानिन मानदेय बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 25, 2026 at 5:17 PM IST
दंतेवाड़ा : प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के आह्वान पर गुरुवार को दंतेवाड़ा सहित पूरे छत्तीसगढ़ में मितानिन कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. जिले की लगभग 1400 और प्रदेशभर की करीब 72 हजार मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन कर "वादा निभाओ रैली" निकाली और सरकार पर चुनावी वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया.
मानदेय में वृद्धि करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान मितानिन संघ की महिलाओं ने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के समय बीजेपी के जारी घोषणा पत्र में मितानिन कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संविलियन का वादा किया गया था. सरकार गठन के डेढ़ वर्ष बाद भी इन वादों को धरातल पर नहीं उतारा गया है, जिससे प्रदेशभर की मितानिन कार्यकर्ताओं में गहरा असंतोष व्याप्त है.
वादा निभाओ रैली में उमड़ी भीड़
दंतेवाड़ा में दुर्गा मंच पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया. प्रदर्शनकारियों ने "वादा निभाओ" और "मोदी की गारंटी लागू करो" जैसे नारों के साथ रैली निकालकर जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में घोषणा पत्र में किए गए वादों को तत्काल लागू करने की मांग की गई.
मितानिन संघ ने लगाए आरोप
मितानिन संघ का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करने के बजाय मितानिन कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी पुनः निजी संस्थाओं और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को सौंप रही है. इससे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रही मितानिन कार्यकर्ताओं के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है.
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि मितानिन कार्यकर्ता गांव-गांव और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहली कड़ी हैं. गर्भवती महिलाओं की देखभाल, नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण, टीकाकरण अभियान, पोषण जागरूकता, स्वच्छता कार्यक्रम, महामारी नियंत्रण समेत सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. इसके बावजूद उनकी आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर दिखाई नहीं दे रही है.
मितानिनों ने कई बार जोखिम भरे हालात और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है. कोविड-19 महामारी के दौरान भी मितानिनों ने घर-घर पहुंचकर सर्वेक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, निगरानी एवं जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी.इसके बाद भी समस्याओं और मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. यही कारण है कि अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए एक बार फिर सड़क पर उतरना पड़ा है- सावित्री नेगी,जिला अध्यक्ष मितानिन संघ
संघ की पदाधिकारियों ने कहा कि यदि घोषणा पत्र में किए गए वादों को जल्द पूरा किया जाता है तो इससे न केवल हजारों मितानिन कार्यकर्ताओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि वे और अधिक समर्पण और उत्साह के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। इससे प्रदेश की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना आसान होगा.
धरना-प्रदर्शन के समापन पर मितानिन संघ ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा.संघ का कहना है कि मितानिन कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की लगातार अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी.
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