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भाई से दुश्मनी का बदला बहन से निकाला, घर में घुसकर मां-बेटी पर जानलेवा हमला

उनारसीकला थाना क्षेत्र के गोलना गांव की घटना. जिला ​अस्पताल में दो दिन से तड़प रही पीड़िता, उनारसीकला थानाप्रभारी बोलीं- तहरीर मिलते ही होगी कार्रवाई.

Vidisha District Hospital
महिला के साथ घर में घुसकर मारपीट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : June 29, 2026 at 9:11 PM IST

3 Min Read
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विदिशा: मध्य प्रदेश के विदिशा में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली घटना सामने आई है. यहां उनारसीकला थाना क्षेत्र के ग्राम गोलना में चार दबंगों ने घर में जबरन घुसकर एक महिला और उसकी बेटी पर जानलेवा हमला कर दिया. हमले में गंभीर रूप से घायल महिला पिछले दो दिन से श्रीमंत माधवराव सिंधिया जिला चिकित्सालय में जिंदगी की जंग लड़ रही है. हैरानी की बात यह है कि पुलिस प्रशासन इस पूरी वारदात से बेखबर सोता रहा.

भाई को ढूंढने आए थे दबंग, नहीं मिलने पर मां-बेटी को पीटा

श्रीमंत माधव सिंधिया जिला चिकित्सालय के बेड पर दर्द से कराह रही पीड़िता मोहर बाई ने बताया कि उनके भाई से गांव के दिनेश, हीरा, कल्लू और नरेश का कोई पुराना विवाद था. वे सभी उसे जान से मारने के लिए ढूंढ रहे थे. दबंगों को शक था कि वह उनके में छुपा हुआ है.

पीड़िता के मुताबिक, जब उन्होंने आरोपियों से कहा कि उनका भाई घर के अंदर नहीं है, तो उन्होंने आपा खो दिया. आरोपी लाठी-डंडों और भारी लकड़ी के कुंदे के साथ घर में घुस गए और उन्हें और उनकी बेटी पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए. मां-बेटी को लहूलुहान करने के बाद आरोपी बेटी के गले से सोने का मंगलसूत्र और उसका मोबाइल फोन भी छीनकर फरार हो गए.

अस्पताल में तड़पती रही पीड़िता, थानों के चक्कर में उलझी रही पुलिस

घटना के बाद गंभीर रूप से घायल मां-बेटी को लटेरी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद नाज़ुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया. पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद वे शिकायत लेकर उनारसीकला थाने भी पहुंचे, लेकिन वहां उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई. वहीं, दूसरी ओर दो दिन तक पीड़िता अस्पताल में भर्ती रही और स्थानीय पुलिस को इस बात की भनक तक नहीं लगी.

मामले में उनारसीकला थाना की एसआई स्मिता जायसवाल ने कहा कि घटना की प्रारंभिक सूचना या तहरीर लटेरी थाने में दी गई थी, जिसकी वजह से उनारसीकला पुलिस तक जानकारी पहुंचने में दो दिन की देरी हुई. पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के लिए पीड़िता से संपर्क किया था, लेकिन हालत ठीक नहीं होने के कारण अभी बयान दर्ज नहीं किया जा सका है. पुलिस का कहना है कि लिखित तहरीर मिलते ही आरोपियों के खिलाफ जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.