चतरा एयर एंबुलेंस क्रैश: मंत्री ने घटना के लिए डीजीसीए को बताया जिम्मेदार, बाबूलाल मरांडी ने की सारी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
चतरा एयर एंबुलेंस क्रैश मामले में मंत्री सुदिव्य कुमार और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक-दूसरे पर निशाना साधा.

Published : February 27, 2026 at 3:22 PM IST
|Updated : February 27, 2026 at 4:27 PM IST
रिपोर्टः उपेंद्र कुमार
रांची: चतरा एयर एंबुलेंस क्रैश को लेकर झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. जहां स्वास्थ्य मंत्री ने एयर एंबुलेंस चलाने वाली रेड बर्ड कंपनी को खराब बताकर आलोचना की, वहीं सरकार के एक और मंत्री ने इस बयान से किनारा कर लिया. साथ ही डीजीसीए को लेकर केंद्र सरकार से सवाल पूछे. जिसके बाद बाबूलाल मरांडी ने कई सवाल किए.
दरअसल, 23 फरवरी, 2026 को, जले हुए मरीज संजय कुमार को एयर एंबुलेंस से बेहतर इलाज के लिए रांची से दिल्ली ले जाया जा रहा था. रेड बर्ड कंपनी का यह एयरक्राफ्ट चतरा जिले में क्रैश हो गया, जिसमें पायलट समेत सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई. मरीज के परिजन और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस घटना पर कई सवाल उठाए थे. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भी रेड बर्ड कंपनी को खराब बताया था.
अब, हेमंत सोरेन सरकार में शहरी विकास मंत्री सुदिब्य कुमार सोनू ने डॉ. इरफान अंसारी के बयान का बचाव करते हुए उनके बयान को निजी बयान बताया. वहीं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और बीजेपी पर हमला बोला, जिसके बाद बाबूलाल मरांडी ने मांग की कि 2023 से चल रही मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस स्कीम से जुड़ी सारी जानकारी सार्वजनिक की जाए.
मंत्री सुदिव्य कुमार ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
मंत्री सुदिब्य कुमार सोनू ने कहा कि ऐसा लगता है कि राज्य में भाजपा नेताओं के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है. इसलिए, एक हादसे की आड़ में भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी अनर्गल बयान दे रहे हैं. सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 2023 में जनता के हित में सब्सिडी वाली एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की थी. बहुत से लोगों ने जरूरत के समय इस सेवा का फायदा भी उठाया है.
उन्होंने आगे कहा कि अगर बाबूलाल मरांडी इतने ज्ञानी हैं, तो उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि हवाई उड़ानें चलाने के लिए डीजीसीए जैसी संस्था बनी है, जो केंद्र सरकार के अधीन है. इसलिए, एयर एम्बुलेंस हादसे की जिम्मेदारी डीजीसीए और केंद्र सरकार की है.
बाबूलाल मरांडी का जवाब
इस पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अगर इस घटना में डीजीसीए की कोई गड़बड़ी होगी तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी. लेकिन सरकार को यह जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए कि 2023 से चल रही इस योजना से कितने मरीजों को लाभ हुआ है? इस पूरी योजना के लिए सरकार ने अब तक कितनी सब्सिडी दी है, और रेड बर्ड को इस योजना के लिए कैसे चुना गया.
उन्होंने पूछा कि जब रेड बर्ड एम्बुलेंस संचालक ने जले हुए मरीज को यह कहकर दिल्ली ले जाने से मना कर दिया कि वह 61% जल गया है, तो कंपनी परिवार से आठ लाख रुपये लेकर मरीज को एयरलिफ़्ट करके दिल्ली ले जाने के लिए कैसे राजी हो गई? ये सभी ऐसे सवाल हैं जिन पर सरकार को एक डिटेल्ड रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि जनता और उनके जैसे नेताओं को सारी जानकारी मिल सके.
यह भी पढ़ें:
सब्सिडाइज्ड एयर एंबुलेंस योजना में हेराफेरी का भाजपा ने लगाया आरोप, सरकार से जांच की मांग
चतरा एयर एंबुलेंस क्रैश मामले की जांच में जुटी DGCA, रांची पहुंची टीम

