सिमगा CHC में पेंशन दिलाने के लिए उगाही और बीजेपी में गुटबाजी पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी का बड़ा बयान
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एक साथ बलौदाबाजार दौरे पर पहुंचे. इस दौरान कई सवालों पर उन्होंने जवाब दिया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 8, 2026 at 11:28 AM IST
बलौदाबाजार: मीडिया से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने जहां बीजेपी में कथित गुटबाजी के आरोपों को सिरे से खारिज किया, वहीं सिमगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी पेंशन उगाही की शिकायत पर तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया. मंत्री के जवाबों में आत्मविश्वास भी था और प्रशासन का सख्त संदेश भी नजर आया.
बीजेपी में कोई गुटबाजी नहीं, कांग्रेस के आरोपों पर मंत्री का पलटवार
बिलासपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र को लेकर उठे विवाद पर कांग्रेस का आरोप है कि पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल का नाम आमंत्रण कार्ड में न होना बीजेपी के अंदर गुटबाजी का संकेत है और यही वजह है कि पार्टी में अंदरूनी खींचतान बढ़ रही है. इस सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने किसी भी तरह की गुटबाजी से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा इसमें कोई गुटबाजी जैसी बात नहीं है. कई बार लिपिकीय त्रुटि हो जाती है. विभाग में जो अधिकारी और कर्मचारी हैं, उनसे हड़बड़ी में ऐसी गलती हो सकती है. इसे बेवजह बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है.
मंत्री का कांग्रेस पर पलटवार
श्याम बिहारी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए राजनीतिक तंज भी कसा. उन्होंने कहा,कांग्रेस में तो एक-दूसरे का कुर्ता फाड़ने की स्थिति रहती है. वहां पार्टी की हालत क्या है, यह सबको पता है. ऐसे में कांग्रेस का बीजेपी पर उंगली उठाना हास्यास्पद है.
सिमगा CHC का मामले पर मंत्री सख्त
सिमगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पेंशन दिलाने के एवज में बाबू और बीएमओ द्वारा लगभग 4 लाख 80 हजार रुपए की उगाही पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का रुख सख्त नजर आया. उन्होंने कहा, "मुझे अभी तक इस मामले की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन आप बता रहे हैं कि ऐसा हुआ है, तो मैं अभी तत्काल जांच के निर्देश देता हूं."
मंत्री ने आगे कहा, "अगर इस तरह का कोई भी रिश्वतखोरी या उगाही का मामला सामने आता है, तो उसमें कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जो भी अधिकारी या कर्मचारी इसमें शामिल होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा."
मंत्री ने दिए तत्काल जांच के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया के सामने ही अधिकारियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब, बुजुर्ग और जरूरतमंदों की पेंशन से जुड़ा मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. मंत्री ने कहा, “मैं अभी इमीडिएट टॉप पर मामले की फाइल मंगवाकर जांच के निर्देश देता हूं. दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी."
प्रशासनिक व्यवस्था पर नजर
इस दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा भी मौजूद रहे. हालांकि उन्होंने मीडिया से सीमित बातचीत की, लेकिन दोनों मंत्रियों की एक साथ मौजूदगी ने यह संकेत जरूर दिया कि सरकार जिले के प्रशासनिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर गंभीर है. राजस्व मंत्री की उपस्थिति को जिले से जुड़े भूमि, पेंशन और राजस्व मामलों पर सरकार की नजर के तौर पर देखा जा रहा है.
मीडिया को अनदेखा करने पर विभाग के अधिकारियों पर नाराजगी
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया को सरकार की आंतरिक आंख कहा. उनकी बातों को मैं गंभीरता से लेता हूं. उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं है कि आप अच्छा ही दिखाएं, आप हमारी कमी दिखाते हैं तो हम इसको ठीक करते हैं. यदि कोई विभाग का अधिकारी मीडिया को इग्नोर करता है तो इस बारे में निर्देश दिया जाएगा.

