इटकी टीबी सेनेटोरियम पहुंचे रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, बदहाल व्यवस्थाओं पर जताई चिंता, सुधार का दिलाया भरोसा
मंत्री संजय सेठ ने इटकी टीबी सेनेटोरियम का निरीक्षण किया. इस दौरान वहां की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक भी की.

Published : July 9, 2026 at 6:55 AM IST
रांची: रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ ने बुधवार को रांची के इटकी स्थित ऐतिहासिक टीबी सेनेटोरियम का निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं, आधारभूत संरचना और मरीजों को मिल रही चिकित्सा सेवाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर संस्थान की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के साथ व्यवस्थाओं में सुधार पर विस्तार से चर्चा की.
निरीक्षण के बाद संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का "टीबी मुक्त भारत" का संकल्प तभी साकार होगा, जब देश के प्रमुख टीबी उपचार केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इटकी टीबी सेनेटोरियम राज्य का एक महत्वपूर्ण संस्थान है और इसे फिर से उसकी पुरानी पहचान दिलाने की आवश्यकता है.

रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि वर्ष 1928 में स्थापित यह सेनेटोरियम कभी देश के प्रतिष्ठित टीबी उपचार संस्थानों में शामिल था. आज भी झारखंड के विभिन्न जिलों और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं. हालांकि, संसाधनों की कमी, पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों का अभाव और आवश्यक सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई कि वर्ष 2019 से संस्थान की डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है, जिससे टीबी मरीजों की जांच प्रभावित हो रही है. उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान में वर्षों तक ऐसी स्थिति बने रहना दुर्भाग्यपूर्ण है. संजय सेठ ने अधिकारियों को संस्थान की सभी आवश्यकताओं का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जा सके.

उन्होंने भरोसा दिलाया कि टीबी सेनेटोरियम की आधारभूत संरचना को मजबूत करने, आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब प्रत्येक मरीज को समय पर जांच, गुणवत्तापूर्ण उपचार और पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों. इस दिशा में केंद्र सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.
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