वृद्धाश्रमों की महिलाओं को नहीं मिल रही अस्पताल जाने के लिए मदद, मंत्री ने अफसरों को दिए व्यवस्था के निर्देश
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून स्थित ओल्ड एज होम का निरीक्षण किया.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 19, 2026 at 8:08 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड राज्य में तमाम जगहों पर वृद्ध आश्रम संचालित किया जा रहे हैं. इन आश्रमों में बड़ी संख्या में वृद्ध महिलाएं रह रही हैं. साथ ही इन्हें राज्य सरकार की ओर से तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. वृद्ध आश्रम में रह रही महिलाओं की समस्याओं और जरूरत को जानने को लेकर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को देहरादून स्थित ओल्ड एज होम का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने न सिर्फ व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि वृद्धाश्रमों में रह रही माताओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं को भी जाना.
मुलाकात के दौरान, ओल्ड एज होम में रह रही महिलाओं ने बताया कि वृद्धावस्था के चलते उन्हें बार-बार चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता पड़ती है. लेकिन अस्पताल आने-जाने में सहयोग की कमी रहती है. जिस कारण उन्हें कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और रुटीन चेकअप के लिए अस्पताल नहीं जा पाती हैं. जिस पर मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं को अस्पताल आने और जाने में सहयोग दिए जाने संबंधित व्यवस्थाओं को मुकम्मल किया जाए. ताकि ये महिलाएं आसानी से अस्पताल में जाकर अपना उपचार करवा सके.

यही नहीं, निरीक्षण के दौरान कुछ महिलाओं ने इस बाबत सुझाव भी दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर ओल्ड एज केयर होम स्थापित किया जाएं. ताकि गांवों में रहने वाले बुजुर्ग एक स्थान पर एकत्र होकर आपस में बातचीत कर सके. साथ ही भावनात्मक समर्थन प्राप्त कर सकें.
महिलाओं से मिले इस सुझाव पर मंत्री आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इससे संबंधित प्रस्ताव का परीक्षण कर व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार किया जाए. ताकि महिलाओं के सुझाव को धरातल पर उतरा जा सके.
वहीं, मुलाकात के दौरान महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही 60 साल से अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों की जरूरत को देखते हुए एक समग्र योजना लाने जा रही है. जिसे प्रदेश के सभी वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिलेगा. साथ ही वृद्धाश्रमों में रह रही माताओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, ताकि वे अप्रिय स्मृतियों से दूर रहकर सकारात्मक वातावरण में अपना जीवन व्यतीत कर सकें. इसके साथ ही मंत्री ने महिलाओं को आगामी महिला दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया.

मंत्री अधिकारी से मुलाकात के दौरान वृद्ध आश्रम में रह रही महिलाओं ने अपनी अपनी परेशानियों को साझा किया. प्रेम धाम आश्रम में रह रही एक महिला कहा कि काश उनके बच्चे कभी बड़े ना होते और वी हमेशा छोटे ही रहते. महिला ने कहा कि बड़े होने के बाद बच्चे अपने-अपने परिवारों में व्यस्त हो गए और मां का ख्याल करना उन्होंने छोड़ दिया. जिसके चलते उन्हें वृद्ध आश्रम में रहना पड़ रहा है.
वहीं, मां गौरी ओल्ड एज होम में रहने वाली महिला ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उसके बेटे के निधन के बाद वो दुनिया में बिल्कुल अकेली रह गई है और परिवार के दूसरे लोग भी उनका साथ नहीं दे रहे हैं. जिस वजह से वो काफी व्यथित रहती है.
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