गहलोत पर पलटवार, बेढम बोले-'आपसे पच नहीं रहा भजनलाल सरकार का विकास कार्य'
मंत्री ने कहा कि गहलोत ने गलत तथ्यों पर आधारित बयान जारी कर राज्य की जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया.

Published : December 13, 2025 at 9:17 PM IST
जयपुर: राजस्थान में अपराध के आंकड़ों को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए तो गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने जवाब दिया. बेढम ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली सरकार का विकास पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पच नहीं रहा. कांग्रेस के समय प्रदेश में जंगलराज था. हमारी सरकार दो वर्षों में सभी प्रकार के अपराधों में कमी लाई. हमारी सरकार ने प्रदेश की जनता को सुशासन देने का काम किया.
भ्रमित करने का प्रयास: गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि पूर्व सीएम गहलोत ने गलत तथ्यों पर आधारित बयान जारी कर राज्य की जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया. दो वर्षों में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य में विकास हुआ. गहलोत ने एनसीआरबी के आंकड़े नहीं देखे हैं, क्योंकि इनके राज में प्रदेश में जंगलराज था. हमारी सरकार के दो वर्षों में सभी अपराधों में लगभग 13 प्रतिशत की कमी आई. नए उद्योग लगे. राइजिंग राजस्थान में 35 लाख करोड़ रुपए के एमओयू किए. 92000 लोगों को सरकारी नौकरियां दी.
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सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए: बेढम ने कहा कि हमारी सरकार ने देश विदेश के प्रवासी राजस्थानियों को बुलाकर आयोजन किया. इससे प्रदेश के विकास को गति मिलेगी. गहलोत को सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए. उन्हें सोशल मीडिया और अखबारों में भ्रामक जानकारी देना शोभा नहीं देता. कांग्रेस वैसे भी अप्रासंगिक हो रही है. लोग कांग्रेस को पसंद नहीं करते. राजस्थान अब धीरे-धीरे शांत प्रदेशों में शुमार होने लगा है. प्रदेश की बेहतर कानून व्यवस्था से अब इन्वेस्टर्स भी निवेश करने के लिए आने लगे हैं. जब राज्य विकास की तरफ गति बढ़ा रहा है, तब विपक्ष भ्रामक राजनीति कर गुमराह करने का प्रयास कर रहा है.
ये कहा था गहलोत ने: गहलोत ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि जब राजस्थान की भाजपा सरकार कल प्रेस वार्ता कर अपराध कम होने के बड़े दावे कर रही थी, तभी झुंझुनू में गैंगस्टर 3 किमी तक सड़क पर एक-दूसरे पर फायरिंग कर रहे थे. इसमें 2 लोगों की मौत हुई. कानून व्यवस्था की ऐसी दुर्गति राजस्थान में कभी नहीं देखी. खुलेआम फायरिंग आमजन में भय पैदा कर रही हैं, लेकिन सरकार आत्मप्रशंसा में व्यस्त है.

