ETV Bharat / state

'अल्पसंख्यकों की एकजुटता से ही साकार होगा विकसित भारत 2047 का सपना', केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राजगीर में चिंतन शिविर में कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लिए सभी अल्पसंख्यक समुदायों का एकजुट योगदान जरूरी.

KIREN RIJIJU
किरेन रिजिजू (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 19, 2026 at 1:26 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

नालंदा: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय चिंतन शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया. यह शिविर अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में 18-19 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया. शिविर का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करना, क्रियान्वयन में तेजी लाना और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए रोडमैप तैयार करना है.

सभी अल्पसंख्यक समुदायों का सहयोग जरूरी: रिजिजू ने जोर देकर कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश के हर समुदाय का आगे आना जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी ये सभी छह अल्पसंख्यक समुदाय प्रगति की मुख्यधारा में एक साथ कदम बढ़ाएंगे. मंत्री ने कहा कि कोई भी समुदाय पीछे नहीं छूटना चाहिए, क्योंकि समावेशी विकास ही राष्ट्र की मजबूती की कुंजी है.

अल्पसंख्यक समुदायों का योगदान जरूरी (ETV Bharat)

योजनाओं में देरी को दूर करने का संकल्प: चिंतन शिविर के उद्देश्य को रेखांकित करते हुए रिजिजू ने कहा कि अक्सर सरकारी योजनाएं कागजी कार्रवाई और फाइलों में अटक जाती हैं, जिससे उनके क्रियान्वयन में विलंब होता है. मोदी सरकार का लक्ष्य है कि ऐसी योजनाओं में कोई देरी न हो. उन्होंने इस शिविर को केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने का माध्यम बताया, जहां अधिकारी आमने-सामने बैठकर चर्चा करेंगे, फाइलों का मूवमेंट तेज होगा और काम धरातल पर तुरंत उतरेगा.

समस्याओं का मिलकर समाधान: मंत्री ने बताया कि हर राज्य के अधिकारियों के पास अपना अनुभव और नए विचार होते हैं. इस चिंतन शिविर में वे अपने अनुभव साझा करेंगे, केंद्र की टीम राज्यों की समस्याओं को सीधे सुनेगी और मिलजुलकर समाधान निकालेगी. रिजिजू ने जोर दिया कि हम अलग-अलग नहीं, बल्कि एक टीम के रूप में काम कर रहे हैं, जो अल्पसंख्यक कल्याण को नई गति देगा. शिविर में पुरानी योजनाओं की समीक्षा के साथ भविष्य के लिए नए विचारों पर मंथन किया जा रहा है.

Chintan Shivir in Rajgir
भारत को विकसित बनाने का सपना (ETV Bharat)

राजगीर की ऐतिहासिकता और आध्यात्मिक महत्व: राजगीर पहुंचने पर रिजिजू ने इस स्थान की ऐतिहासिकता और पवित्रता का विशेष जिक्र किया. उन्होंने कहा कि राजगीर दुनिया भर में मशहूर है और आध्यात्मिक दृष्टि से इसका महत्व अतुलनीय है. एक बौद्ध होने के नाते यह उनके लिए तीर्थ स्थान जैसा है. यहां आकर काम करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जो नीति-निर्माण में सहायक सिद्ध होगी.

अल्पसंख्यक समुदायों को लेकर प्रतिबद्धता: मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए रिजिजू ने बताया कि देश में अल्पसंख्यक आबादी में मुस्लिम समुदाय सबसे बड़ा है, इसके बाद ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी आते हैं. मंत्रालय इन सभी छह समुदायों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. शिविर में इन समुदायों के लिए चल रही योजनाओं की गहन समीक्षा होगी और आने वाले समय के लिए रणनीतिक दिशा तय की जाएगी.

"देश में अल्पसंख्यक आबादी में मुस्लिम समुदाय सबसे बड़ा है, इसके बाद ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी आते हैं. मंत्रालय इन सभी छह समुदायों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. शिविर में इन समुदायों के लिए चल रही पुरानी योजनाओं की समीक्षा होगी और भविष्य के लिए नए विचारों पर मंथन किया जाएगा." -किरेन रिजिजू, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री

ये भी पढ़ें-

'मोदी तेरी... खुदेगी' वाले बयान पर भड़के किरेन रिजिजू, राहुल-खड़गे से संसद में माफी की मांग

क्या, सांसदों के बीच होनेवाली थी 'हाथापाई'? रिजिजू का खुलासा- 'कांग्रेस की हरकत से नाराज NDA सांसदों को रोका'